'ये हार-जीत का मामला नहीं'

  • 18 अगस्त 2011
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Image caption अन्ना को 2 सितंबर तक अनशन की अनुमति दी गई

अन्ना हज़ारे के अनशन के बारे में केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने कहा है कि रामलीला मैदान में अन्ना को कुछ शर्तों के साथ दो सितंबर तक अनशन की अनुमति दी गई है.

उन्होंने कहा कि सरकार अन्ना की टीम से बातचीत करने में शामिल नहीं थी बल्कि दिल्ली पुलिस ने उनसे बातचीत की और समस्या का शांतिपूर्ण हल निकाला.

गृह सचिव के अनुसार, ''ये कहना ठीक नहीं होगा कि दिल्ली पुलिस और अन्ना की टीम के बीच जो सहमति बनी है वो किसी एक पक्ष की जीत और दूसरे पक्ष की हार है.''

उन्होंने कहा कि रामलीला मैदान पर दोनों पक्षों में सहमति बनी है क्योंकि वो पार्क काफ़ी बड़ा है. इसलिए वहाँ पहुंचने वाले लोगों की तादाद कोई ख़ास मायने नहीं रखती.

उन्होंने कहा कि कुछ शर्तें अभी भी पहले की तरह ही हैं. जैसे कि जेपी पार्क पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की जो शर्तें थीं वही रामलीला मैदान पर भी लागू होंगी. इसके साथ ही अन्ना हज़ारे की डॉक्टरी जांच की शर्त भी पहले की तरह ही रहेगी.

अन्ना की टीम ने दिल्ली पुलिस को एक सहमति पत्र दिया है जिसमें कहा गया है कि दिल्ली पुलिस की सहमति वाली शर्तों का पालन किया जाएगा और रामलीला मैदान में क्षमता से ज़्यादा लोगों को नहीं जमा होने दिया जाएगा.

अन्ना हज़ारे के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने उन्हें ये आश्वासन दिया है कि 15 दिन के बाद भी अगर उन्हें रामलीला मैदान की ज़रूरत होगी तो उस पर विचार किया जाएगा.

अन्ना की गिरफ़्तारी

एक नाटकीय घटनाक्रम के बाद दिल्ली पुलिस ने अन्ना हज़ारे की टीम को रामलीला मैदान में 15 दिन तक अनशन की अनुमति दी है.

पहले जो शर्तें लगाई गई थीं उनमें से कई शर्तों को हटा लिया गया है.

मज़बूत लोकपाल बिल की मांग को लेकर 74 वर्षीय अन्ना हज़ारे ने 16 अगस्त से आईटीओ के नज़दीक जेपी पार्क में अनशन की योजना बनाई थी.

हालांकि दिल्ली पुलिस ने अनशन के लिए कुछ शर्तें लगा दी थीं जिसके बाद अन्ना हज़ारे ने ऐसी किसी शर्त पर दस्तख़त करने से इनकार कर दिया.

इसके बाद ही मंगलवार को पुलिस ने अन्ना और उनकी टीम के कुछ सदस्यों को हिरासत में ले लिया और फिर उन्हें गिरफ़्तार करके तिहाड़ जेल भेज दिया गया.

अन्ना को सात दिन की न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेजा गया था मगर फिर उसी शाम तक उन्हें रिहा कर दिया गया.

लेकिन अन्ना ने ये कहकर तिहाड़ जेल से बाहर आने से इनकार कर दिया कि जब तक उन्हें बिना शर्त अनशन की अनुमति नहीं दी जाती वो जेल से बाहर नहीं आएंगे.

फ़िलहाल रामलीला मैदान को अन्ना के आंदोलन के लिए तैयार किया जा रहा है और संभावना है कि मैदान के तैयार होने के बाद शुक्रवार सुबह दस बजे से अन्ना हज़ारे वहां से अपना आंदोलन जारी रखेंगे.

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