रामलीला मैदान से होगा अन्ना का अनशन

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Image caption रामलीला मैदान में तैयारी ज़ोरों पर हैं.

जनलोकपाल की मांग को लेकर मंगलवार से दिल्ली के तिहाड़ जेल में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे शुक्रवार से दिल्ली के रामलीला मैदान में अपना अनशन जारी रखेंगे.

अन्ना की टीम और सरकार के बीच समझौता हो गया है.

अन्ना हज़ारे गत 16 अगस्त को गिरफ़्तार कर तिहाड़ ले जाए गए थे जहाँ वे अनशन जारी रखे हुए हैं.

अन्ना की सहयोगी किरण बेदी ने शुक्रवार की सुबह तिहाड़ जेल के बाहर खड़े पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि अन्ना तिहाड़ जेल से निकलकर मायापुरी चौक तक एक रैली की शकल में जाएंगे. उसके बाद रैली ख़त्म हो जाएगी और वह सीधे राजघाट जाएंगे.

राजघाट से अन्ना इंडिया गेट के अमर जवान ज्योति जाएंगे और अंत में लगभग बारह बजे दोपहर वह रामलीला मैदान पहुंचेगें.

किरण बेदी ने अन्ना के समर्थकों से अपील की है कि वे रिंग रोड को जाम नहीं करें और आम लोगों को किसी तरह की तकलीफ़ नहीं होने दें.

सहमति

इससे पहले गुरूवार को अन्ना के सहयोगियों ने समझौते के अनुसार दिल्ली पुलिस के एक संशोधित हलफ़नामें पर दस्तख़त किए.

सहमति के अनुसार अन्ना को फ़िलहाल 15 दिनों तक अनशन करने की इजाज़त दी गई है लेकिन दोनों की सहमति से इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है.

लेकिन लोगों की संख्या के बारे में कोई शर्त नहीं रखी गई है. पुलिस ने सिर्फ़ यही कहा है कि अनशन में सिर्फ़ उतने ही लोग शामिल हो सकते हैं जितनी रामलीला मैदान की क्षमता है.

ग़ौरतलब है कि रामलीला मैदान वर्षों से राजनीतिक रैलियों का स्थान रहा है और यहां पचास हज़ार से भी ज़्यादा लोग एकत्रित हो सकते हैं.

अन्ना हज़ारे और उनके साथ अनशन कर रहे लोगों का दिन में तीन बार स्वास्थ्य जांच किया जाएगा.

इस बारे में अन्ना की सहयोगी किरण बेदी ने कहा, ''वह जब तक अनशन कर सकते हैं तब तक करेंगे. जिस समय डॉक्टरों की टीम ये कहेगी कि उन्हें इलाज की ज़रूरत है तो वैसा ही किया जाएगा. अन्ना अनिश्तिकालीन अनशन पर हैं ना कि आमरण अनशन पर.''

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Image caption देशभर में अन्ना के समर्थन में रैलियां हो रही है. गुरूवार को गुवाहाटी में अन्ना के समर्थन में मशाल रैली.

सूत्रों के अनुसार अन्ना की तबियत बिगड़ने की स्थिति में उन्हें फ़ौरन दिल्ली के एम्स अस्पताल में लेजाने की भी पूरी तैयारी की गई है.

अन्ना और सरकार के बीच समझौते की शुरूआत बुधवार की देर रात से हुई जब अन्ना के सहयोगी किरण बेदी और अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के पुलिस आयुक्त बीके गु्प्ता से उनके निवास पर मुलाक़ात की. उस मुलाक़ात के बाद से समझौते के आसार दिखने लगे थे.

कई दौर तक चली बातचीत के बाद आख़िरकार गुरूवार को दोनों पार्टियों में सहमति बन गई. सरकार ने अन्ना की लगभग सारी शर्ते मान ली है.

सहमति के बाद से एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों ने रामलीला मैदान को दौरा किया और चार सौ से भी अधिक कर्मचारी मैदान की साफ़ सफ़ाई के काम में जुट गए. गुरूवार देर रात तक सफ़ाई का काम जारी था.

गुरूवार शाम सात बजे अन्ना ने अपने समर्थकों के लिए अपना विडियो संदेश यू ट्यूब पर जारी किया.

देश-व्यापी समर्थन

इस बीच अन्ना के समर्थन में देश भर में रैलियों का दौर जारी है.

मुंबई के डिब्बावालों ने अन्ना के समर्थन में शुक्रवार को एक दिन का हड़ताल करने का फ़ैसला किया है.

अन्ना के हज़ारो समर्थकों ने गुरूवार रात तिहाड़ जेल के बाहर गुज़ारी और वो शुक्रवार को अन्ना के साथ ही रामलीला मैदान जाएंगें.

इस बीच न्यायपालिका और प्रधानमंत्री को लोकपाल के दायरे में लाने के मुद्दे पर भी दोनों पक्षों के बीच सहमति के कुछ-कुछ आसार दिखने लगे हैं.

गुरूवार को अरविंद केजरीवाल और संतोष हेगड़े ने इस बात के संकेत दिए कि अन्ना की टीम न्यायपालिका को लोकपाल के दायरे में लाने के लिए दबाव नहीं डालेगी.

केजरीवाल ने कहा कि अगर सरकार अच्छा न्यायिक जवाबदेही बिल लाती है तो हमलोग गंभीरता से इस पर विचार करेंगे.

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