अन्ना के अनशन का छठा दिन

  • 21 अगस्त 2011
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सख़्त लोकपाल क़ानून की मांग को लेकर अनशन कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के अनशन का रविवार को छठा दिन है.

अन्ना के अनशन के छठे दिन सुबह से ही हजारों लोगों का जमावड़ा रामलीला मैदान में लगना शुरू हो गया है. यहां पहुंचने वालों में सबसे बड़ी तादाद युवाओं की है. भारतीय समयानुसार सुबह लगभग 10 बजे अन्ना ने भीड़ को संबोधित करते हुए कहा कि देश में क्रांति लाने के लिए युवाओं को आगे होगा.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जहां एक ओर टीम अन्ना से ‘आपसी समझौते की गुंजाइश’ संबंधी बयान देकर अपने रुख में नरमी ज़ाहिर कर दी है. वहीं उत्तरप्रदेश के बरेली शहर से कांग्रेस के एक सांसद प्रवीन सिंह एरन ने संसद की स्थाई समिति के समक्ष विचार के लिए अन्ना के जन लोकपाल बिल का मसौदा पेश किया है.

कांग्रेस सांसद के इस क़दम की पुष्टि करते हुए संसदीय स्थाई समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा है कि वो समिति के समक्ष पेश किए जाने वाले सभी सुझावों और प्रस्तावों पर गंभीरता से विचार करेगी.

'किससे, कब और कहां बात करनी है'

इस दौरान रामलीला मैदान से मीडिया को संबोधित करते हुए टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा, ''प्रधानमंत्री ने कहा है कि वो इस मुद्दे पर बातचीत के लिए तैयार हैं और हम भी बातचीत करना चाहते हैं तो सरकार हमें ये बताए कि किससे, कब और कहां बात करनी है.''

इसके जवाब में स्थाई समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, ''संसदीय समिति को अपना काम करने का मौका मिलना चाहिए, हो सकता है हम इस मुद्दे पर सभी को आश्चर्य चकित कर दें.''

संघ और भाजपा मेरे पीछे नहीं हैं: अन्ना

शनिवार को अन्ना हज़ारे ने अपने आंदोलन के राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनके आंदोलन के पीछे भारतीय जनता पार्टी या राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ का हाथ नहीं है.

अन्ना ने कहा कि उनके विरोधी कल को उनके रिश्ते पाकिस्तान से बताने से भी गुरेज नहीं करेंगे.

देश भर से समर्थन

अन्ना हज़ारे और उनके सहयोगी सरकार की ओर से लोकसभा में पेश किए गए विधेयक का विरोध कर रहे हैं और उनका कहना है कि ये विधेयक भ्रष्टाचार को संरक्षण देने वाला है.

इस विधेयक की जगह जनलोकपाल को संसद में पेश करके पारित करवाने की मांग को लेकर अन्ना हज़ारे 16 अगस्त से अनशन पर हैं. दिल्ली में उनकी गिरफ़्तारी के बाद इसे देश भर से व्यापक समर्थन मिल रहा है.

शुक्रवार को वामपंथियों सहित नौ विपक्षी दलों ने भी सरकारी लोकपाल विधेयक के विरोध में 23 अगस्त को देशव्यापी प्रदर्शन करने की घोषणा की है.

अन्ना की टीम चाहती है कि सरकार 30 अगस्त तक लोकपाल विधेयक को पारित कर दे. हालांकि मनमोहन सिंह सिंह सरकार के कई बड़े नेता यह चुके हैं कि विधेयक को 30 अगस्त तक पारित करना संभव नहीं होगा क्योंकि विधाई कार्य की एक प्रक्रिया होती है जिसमें वक़्त लगता है.

अन्ना की इच्छा सूची लंबी हुई

शनिवार को लोकपाल बिल से एक क़दम आगे बढ़ते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा कि वो चुनाव सुधार और किसान के हित साधने वाला भूमि अधिग्रहण क़ानून भी चाहते हैं.

इस बीच लोकपाल की लड़ाई में अब तीसरा पक्ष भी सक्रिय हो गया है. इस तीसरे पक्ष का कहना है कि अन्ना हज़ारे के जन लोकपाल बिल और सरकारी लोकपाल बिल दोनों में कमियां हैं.

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