अन्ना ने अस्पताल जाने से इनकार किया

  • 23 अगस्त 2011
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Image caption अन्ना हज़ारे ने कहा है कि लोकपाल बिल पारित होने तक वे अनशन जारी रखेंगे

रामलीला मैदान में अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे के स्वास्थ्य में मंगलवार को गिरावट आई है.

उनकी नियमित जाँच कर रहे डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करने की सलाह दी है लेकिन अन्ना ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया है और कहा है कि वे रामलीला मैदान में अपना अनशन जारी रखेंगे.

उन्होंने रात को कहा है कि उनकी अंतरात्मा कह रही है कि उन्हें कोई दवा नहीं लेनी चाहिए इसलिए वे डॉक्टरों को दवा लेने से इनकार कर रहे हैं.

डॉ नरेश त्रेहान ने मंगलवार की शाम को अन्ना हज़ारे के स्वास्थ्य की जाँच करने के बाद कहा कि उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उन्हें ड्रिप लगाने की भी सिफ़ारिश की थी लेकिन इसके लिए भी उन्होंने इनकार कर दिया है.

73 वर्षीय अन्ना हज़ारे गत 16 अगस्त से अनशन पर हैं.

मंगलवार को प्रधानमंत्री ने अन्ना हज़ारे को भेजे अपने पत्र में भी उनके स्वास्थ्य को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की है और अपील की है कि उन्हें अपना अनशन ख़त्म कर देना चाहिए.

'जान देने से नहीं डरता'

हालांकि उनके साथी स्पष्ट कर चुके हैं कि वे आमरण अनशन पर नहीं हैं और वे ग्लूकोज़ घुला पानी आदि ले रहे हैं लेकिन पिछले आठ दिनों में उनका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है.

मंगलवार की रात को अन्ना ने कहा कि दोपहर के बाद डॉक्टरों ने कहा था कि किडनी में कुछ समस्या आ गई है और उन्हें ड्रिप के ज़रिए दवा देनी होगी लेकिन उन्होंने कहा था कि वे अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुन कर बताएँगे कि वे क्या करेंगे.

उन्होंने कहा, "मेरी अंतरात्मा कह रही है कि तू ये क्या कह रहा है कि दिल दिया है, जान भी देंगे और जान देने से डरता है... तो मैंने डॉक्टरों से कह दिया है कि मेरी अंतरात्मा कह रही है कि कोई दवा नहीं लेनी है."

उन्होंने कहा, "मै मर गया तो परवाह नहीं, मेरे बाद कितने अन्ना खड़े हो गए हैं."

उन्होंने रामलीला मैदान में एकत्रित युवाओं की ओर इशारा करके कहा कि अगर उनकी किडनी को कुछ हो जाता है तो हज़ारों लोगों में से कोई न कोई उन्हें किडनी दे देगा. और इसके जवाब में भी़ड़ ने शोर मचाकर उन्हें अपनी स्वीकृति दी.

उन्होंने अपने समर्थकों से कहा है कि डॉक्टर की रिपोर्ट के बाद सरकार भी कुछ सोचने लगेगी और अगर सरकार की ओर से उन्हें ज़बरदस्ती उठाकर ले जाने के प्रयास हों तो सारे दरवाज़ों पर लोग खड़े हो जाएँ और उन्हें ले जाने न दिया जाए.

उन्होंने अपने समर्थकों से अहिंसा का मार्ग अपनाने और शांति बनाए रखने की अपील दोहराई.

शाम को रामलीला मैदान के मंच से किरण बेदी ने भी उनके गिरते स्वास्थ्य को लेकर चिंता ज़ाहिर की थी.

उनका वज़न पाँच किलो कम हो चुका है और सोमवार को डॉक्टरों ने कहा था कि उनके पेशाब और ख़ून में कीटोन की उपस्थिति पाई गई है.

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