अगर मुझे उठाया तो देश की जेलें भर दो -अन्ना हज़ारे

  • 24 अगस्त 2011
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दिल्ली के रामलीला मैदान पर जन लोकपाल बिल के समर्थन में अनशन पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे ने पुलिस कार्रवाई की आंशका के चलते अपने सर्मथकों से हिंसा ना करने का आहवान किया है.

सरकार और अन्ना हज़ारे के प्रतिनिधियों के बीच बुधवार शाम हुई बातचीत बेनतीजा रहने के बाद अन्ना देर रात अपने समर्थकों को संबोधित कर रहे थें.

'हिंसा सहन नहीं होगी'

अन्ना हज़ारे ने कहा, "हिंसा मत करो..मुझसे हिंसा सहन नहीं होगी. अगर मैं जेल जाऊं तो आप लोग सांसदों के घर पर विरोध जताओ. राष्ट्रीय संपत्ति का कोई नुकसान मत करना."

अन्ना हज़ारे ने आगे कहा, "अगर पुलिस आती है तो मैं ख़ुशी जेल जाऊंगा. और कल से सबको जेल भरो आंदोलन करना है. देश को अहिंसा के मार्ग से बचाना है. ये आज़ादी की दूसरी लड़ाई है."

उन्होंने कहा कि सरकार का रवैया लोकशाही वाला ना होकर हुक्मशाही का है, "ये लोकशाही के लिए बहुत बड़ा ख़तरा है लेकिन मेरी विनती है कि अगर सरकार मुझे यहां से उठाए तो उसे कोई रोके नहीं. अब मुझे सरकार की चाल समझ आ गई है. सरकार चाहती है कि आंदोलन को तोड़ने के लिए आप लोग हिंसा करें. इसलिए हम सभी को संयम रखना है."

अन्ना हज़ारे ने अपने समर्थकों से कहा कि उनके जेल जाने के बाद सब लोग सांसदों के घरों पर शांतिपूर्वक प्रदर्शन करें और जेल जाएं.

बेनतीजा ख़त्म हुई बैठक

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Image caption अन्ना हज़ारे ने अपने समर्थकों से हिंसा ना करने की अपील की है.

इससे पहले प्रणब मुखर्जी के साथ बातचीत के बाद प्रशांत भूषण ने कहा कि मंगलवार को हुई वार्ताओं में सरकार का रुख़ काफ़ी सकारात्मक था लेकिन बुधवार को सब कुछ बदला-बदला सा नज़र आया.

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार ने साफ़ कर दिया है कि वो जन लोकपाल बिल को पेश नहीं करेगी.

नागरिक समाज की प्रतिनिधि किरन बेदी ने प्रणब मुखर्जी के साथ बातचीत के बाद पत्रकारों को बताया, "ये एक दिन और रात में सरकारी रवैये में फ़र्क क्यों आया, मुझे नहीं मालूम. मंगलवार को वो हमारी बातें सुन रहे थे, आज वो अपनी बता सुना रहे थे. कल वो हमारी बातों की इज़्ज़त कर रहे थे. कल और आज में दिन-रात का फ़र्क आया है."

'अन्ना की सेहत पर गहरी चिंता'

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Image caption प्रणब मुखर्जी ने कहा कि उनकी बात को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया.

किरन बेदी ने ये भी कहा कि अन्ना के अनशन के बारे में सरकार ने कहा कि वो उनकी यानि सिविल सोसाइटी और अन्ना हज़ारे की समस्या है.

लेकिन प्रणब मुखर्जी ने सिविल सोसाइटी के इस दावे को ग़लत बताया है. देर रात समाचार टीवी चैनल सीएनएन-आईबीएन को प्रणब मुखर्जी ने बताया कि सरकार अन्ना की सेहत के बारे गहरी चिंता व्यक्त करती है और उन्होंने ये कभी नहीं कहा कि अन्ना की सेहत उनकी समस्या है.

प्रणब मुखर्जी ने कहा, " हम अन्ना जी अनशन के बारे में गहरी चिंता व्यक्त करते हैं. हमने उनसे बार-बार अनशन समाप्त करने की अपील की है. सर्वदलीय बैठक के बाद भी अनशन तोड़ने की अपील की गई है."

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