मनीष तिवारी को 'अफ़सोस'

  • 25 अगस्त 2011
इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption मनीष तिवारी ने अपने बयान पर अफसोस जताया

अन्ना के ख़िलाफ़ आपत्तिजनक बयान देने वाले कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने अपने बयान पर अफ़सोस जताया है.

मनीष तिवारी ने 14 अगस्त को अन्ना हज़ारे पर व्यक्तिगत रुप से आक्षेप लगाते हुए कहा था कि अन्ना भ्रष्ट हैं.

इसके बाद उनके इस बयान पर काफ़ी बवाल हुआ था और वो 14 अगस्त के बाद पहली बार 24 अगस्त को टीवी पर दिखे हैं.

मनीष तिवारी ने संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगर किसी को मेरे पूर्व में दिए गए बयानों से दुःख हुआ है तो मैं इसके लिए अफ़सोस प्रकट करता हूं. मेरी कुछ बातों से अन्ना को दुःख हुआ है. मुझे इसका बहुत अफ़सोस है.’’

उनका कहना था, '' मैंने बिना किसी मंशा के कुछ बातें कहीं थीं. मुझे इसका अफ़सोस है. लोकतंत्र में हमेशा बातचीत के लिए जगह होती है.''

तिवारी ने अंग्रेज़ी में ये बयान दिया. उन्होंने हिंदी में यही बयान देने से इंकार किया.

मनीष तिवारी पूर्व में भी विवादास्पद बयान देते रहे हैं. अन्ना के बारे में उन्होंने कहा था, ‘‘तुम किस ईमानदारी की बात करते हो. तुम तो खुद सर से पाँव तक भ्रष्ट हो.’’

इस प्रेस कांफ्रेस में उन्होंने जस्टिस सावंत की रिपोर्ट का भी ज़िक्र किया था जिसमें अन्ना को दोषी ठहराया गया था. हालांकि उन्होंने ये नहीं बताया था कि जस्टिस सावंत की रिपोर्ट के बाद इस मुद्दे पर सुखतांकर आयोग ने जांच की थी और अन्ना को आरोपमुक्त किया गया था.

तिवारी के बयान की सभी विपक्षी दलों ने कड़ी आलोचना की थी और सुषमा स्वराज ने संसद में कहा था कि मनीष तिवारी युवा हैं और उन्हें अभी राजनीति में आगे जाना है तो ऐसे बयानों से बचना चाहिए.

जनता दल यूनाइटेड के अध्यक्ष शरद यादव ने भी मनीष तिवारी के बयान पर नाराज़गी जताई थी. माना जाता है कि कांग्रेस पार्टी में भी मनीष तिवारी के इस बयान को लेकर नाराज़गी थी.

14 अगस्त के बाद मनीष तिवारी पार्टी का पक्ष रखते हुए कभी नहीं दिखे थे और गुरुवार को अचानक मीडिया के सामने आकर उन्होंने अफ़सोस जताया जिससे लगता है कि उन पर माफी मांगने के लिए दबाव बना था.

संबंधित समाचार