लोकपाल पर लोकसभा में चर्चा

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लोकपाल को लेकर केंद्र सरकार और अन्ना हज़ारे के बीच चल रहे गतिरोध के बीच केंद्र सरकार ने घोषणा की है कि शनिवार को लोकसभा के नेता प्रणब मुखर्जी सदन में बयान देंगे.

लोकसभा सचिवालय ने एक बयान जारी करके जानकारी दी है कि शनिवार को भी लोकसभा की बैठक होगी.

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने बताया कि शनिवार को वित्त मंत्री और सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से 11 बजे लोकपाल के मुद्दे पर बयान देने की अनुमति मांगी है.

उन्होंने कहा, "शुक्रवार को संदीप दीक्षित ने जनलोकपाल पर चर्चा शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इस पर ऐतराज़ किया था और मांग की थी कि वे सरकार की ओर से बयान चाहते हैं."

फ़ैसला

पवन कुमार बंसल ने बताया कि सरकार ने यह फ़ैसला किया है कि अब प्रणब मुखर्जी लोकपाल के मुद्दे पर बयान देंगे और फिर विपक्ष इस पर चर्चा कर सकता है.

हालाँकि उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा कि किस नियम के तहत ऐसा होगा.

सरकारी लोकपाल के विरोध में अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे की मांग है कि सरकार जनलोकपाल के तीन अहम मुद्दों को संसद में रखे और प्रस्ताव पास करे. उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव पास होने तक वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे.

अन्ना समर्थकों को उम्मीद थी कि शुक्रवार को लोकसभा में लोकपाल पर चर्चा होगी, लेकिन लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच ऐसा नहीं हुआ.

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा अध्यक्ष को नियम 184 के तहत इस पर चर्चा कराने की अनुमति मांगी है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने नियम 168 के तहत इस पर बहस की अनुमति मांगी है. इन दोनों नियमों के तहत चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान है.

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