कल अनशन ख़त्म करेंगे अन्ना

अन्ना हज़ारे इमेज कॉपीरइट Reuters

संसद के दोनों सदनों में अन्ना हज़ारे के तीनों मुद्दों पर सहमति बन जाने के बाद अन्ना हज़ारे ने अपने आश्वासन के अनुरुप उन्होंने अपना अनशन ख़त्म करने की घोषणा कर दी है.

उन्होंने कहा कि वे रविवार को अपना अनशन ख़त्म कर देंगे.

इससे पहले सरकार और अन्ना हज़ारे के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे केंद्रीय मंत्री विलासराव देशमुख ने रामलीला मैदान के मंच से प्रधानमंत्री की ओर से अन्ना हज़ारे को लिखा गया पत्र पढ़कर सुनाया.

इस पत्र में प्रधानमंत्री ने अन्ना हज़ारे को बताया है कि संसद के दोनों सदनों ने उनकी तीन मांगों पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है और दोनों सदनों के सदस्यों की राय को स्थायी समिति को भेज दिया गया है.

उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा था कि अगर उनके तीन मुद्दों पर संसद की सहमति मिलती है तो वे अपना अनशन ख़त्म करने पर विचार कर सकते हैं.

जनलोकपाल के तीन अहम मुद्दों पर संसद में प्रस्ताव लाने की मांग अन्ना ने रखी है, इसमें से एक यह है कि इसी क़ानून के ज़रिए लोकायुक्त भी बनाए जाएँ, दूसरा हर विभाग में जन समस्याओं के लिए सिटिज़न्स चार्टर बनाए जाए जिसे न मानने पर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई हो और तीसरा ये कि केंद्र सरकार के ऊपर से नीचे तक सभी कर्मचारियों और राज्य के सभी कर्मचारियों को इसके दायरे में लाया जाए.

आधी जीत

पिछले 12 दिनों से अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे इस ख़बर से बेहद ख़ुश नज़र आ रहे थे.

उन्होंने पहले संसद के सभी सदस्यों को धन्यवाद दिया और फिर मैदान में ख़ुश हो रही हज़ारों लोगों की भीड़ से कहा कि अभी आधी जीत हुई है और आधी अभी बाक़ी है.

उन्होंने कहा, "ये आधी जीत देश में जो जनता खड़ी हुई है उनकी जीत है. ये हमारे जनलोकसभा के सदस्य और कार्यकर्ताओं की जीत है. और हमें ये जीत दिलाने के लिए मीडिया ने भी जीत दिलाई है."

उन्होंन कहा, "सबेरे कल दस बजे आप सब की उपस्थिति में मैं अपना अनशन छोड़ना चाहता हूँ."

इसके लिए उन्होंने जनता से हाथ उठाकर अनुमति देने का अनुरोध किया.

उल्लेखनीय है कि अन्ना हज़ारे के प्रधानमंत्री को लिखे पत्र के बाद सरकार ने संसद के दोनों सदनों में अन्ना के तीनों मुद्दों पर चर्चा करवाने का फ़ैसला किया था.

दिन भर की चर्चा में दोनों सदनों में अधिकांश सदस्यों ने तीनों मुद्दों पर अपनी सहमति जताई थी.

हालांकि दोपहर बाद टीम अन्ना के सदस्य इस ख़बर पर नाराज़ हो गए थे कि प्रस्तावों पर मतविभाजन नहीं होने वाला है लेकिन दोनों सदनों में चर्चा के बाद प्रबण मुखर्जी ने कहा कि जैसा कि वे सदस्यों की राय समझ पा रहे हैं अन्ना हज़ारे के तीनों मुद्दों पर सदन में सैद्धांतिक सहमति है.

उनके इस प्रस्ताव को दोनों सदनों के सदस्यों ने मेज़ें थपथपा कर मंज़ूरी दे दी थी.

संबंधित समाचार