लोकपाल पर लोकसभा में बहस शुरु

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केंद्र सरकार और अन्ना हज़ारे के बीच लोकपाल बिल को लेकर चल रहे गतिरोध का हल निकालने के लिए शनिवार को लोकसभा की बैठक शुरु हो गई है.

बैठक के दौरान लोकसभा के नेता प्रणब मुखर्जी के सदन में बहस की शुरुआत की और कहा,'' पूरा देश और देश के बाहर भी लोगों की नज़रें हम पर हैं. दुनिया की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक व्यवस्था आज दोराहे पर है. मैं चाहता हूं कि आप सभी संवैधानिक तरीके से, संसदीय संप्रभुता कायम रखते हुए बहस करें.''

प्रणब मुखर्जी के बयान के बाद चर्चा जारी है.

इस बीच जन लोकपाल बिल की मांग को लेकर रामलीला मैदान में डटे सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हज़ारे के अनशन का आज 12वां दिन है. शनिवार सुबह डॉक्टरों ने अन्ना की चिकित्सीय जांच के बाद कहा कि वो बेहद कमज़ोर हो गए हैं और 'उन्हें ज़्यादा से ज़्यादा से आराम करना चाहिए.'

परीक्षण के बाद डॉक्टर नरेश त्रेहन ने कहा, ''अन्ना हज़ारे की सेहत को लेकर हमारी चिंताएं बढ़ रही हैं. उनका ब्लड-प्रेशर कम हो रहा है और हृदय गति बढ़ गई है. खून के नमूनों के नतीजे आने के बाद हम तय करेंगे कि अब आगे क्या करना है.''

शुक्रवार को केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल ने बताया था कि शनिवार को वित्त मंत्री और सदन के नेता प्रणब मुखर्जी ने लोकसभा अध्यक्ष से 11 बजे लोकपाल के मुद्दे पर बयान देने की अनुमति मांगी है.

भाजपा चाहती है प्रस्तावों पर मतविभाजन

उन्होंने कहा, "शुक्रवार को संदीप दीक्षित ने जनलोकपाल पर चर्चा शुरू की थी, लेकिन विपक्ष ने इस पर ऐतराज़ किया था और मांग की थी कि वे सरकार की ओर से बयान चाहते हैं."

फ़ैसला

पवन कुमार बंसल ने बताया कि सरकार ने यह फ़ैसला किया है कि अब प्रणब मुखर्जी लोकपाल के मुद्दे पर बयान देंगे और फिर विपक्ष इस पर चर्चा कर सकता है.

हालाँकि उन्होंने इस पर कुछ नहीं कहा कि किस नियम के तहत ऐसा होगा.

सरकारी लोकपाल के विरोध में अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे की मांग है कि सरकार जनलोकपाल के तीन अहम मुद्दों को संसद में रखे और प्रस्ताव पास करे. उन्होंने स्पष्ट किया है कि प्रस्ताव पास होने तक वे अपना अनशन नहीं तोड़ेंगे.

अन्ना हज़ारे ने जो तीन मुद्दे सामने रखे हैं, वे हैं- सभी सरकारी कर्मचारी लोकपाल के दायरे में आना चाहिए, हर राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति और सिटीज़न चार्टर.

अनशन तोड़ने के लिए अन्ना की तीन शर्तें

अन्ना समर्थकों को उम्मीद थी कि शुक्रवार को लोकसभा में लोकपाल पर चर्चा होगी, लेकिन लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच ऐसा नहीं हुआ.

दूसरी ओर भारतीय जनता पार्टी की नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी लोकसभा अध्यक्ष को नियम 184 के तहत इस पर चर्चा कराने की अनुमति मांगी है.

राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरुण जेटली ने नियम 168 के तहत इस पर बहस की अनुमति मांगी है. इन दोनों नियमों के तहत चर्चा के बाद मतदान का प्रावधान है.

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