संसद से बड़ी जनसंसद है: अन्ना हज़ारे

  • 28 अगस्त 2011
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रामलीला मैदान में 12 दिनों से अनशन कर रहे अन्ना हज़ारे ने नारियल पानी और शहद के साथ अनशन तोड़ दिया है.

उन्हें दो छोटी बच्चियों सिमरन और इकरा ने नारियल पानी पिलाया और शहद खिलाया. इन बच्चियों में से एक मुस्लिम और एक दलित परिवार की हैं.

अन्ना ने कहा कि अगर जनलोकपाल पर संसद पीछे हटी तो जनता को फिर से खड़ा होना होगा क्योंकि संसद से बड़ी जनता की संसद है.

उन्होंने कहा, ''संसद से बड़ी जनसंसद है. संसद को ये फ़ैसला जनसंसद के दबाव में लेना पडा है. इस आंदोलन ने ये विश्वास बना दिया है कि हम भ्रष्टाचार मुक्त देश बना सकेंगे. सत्ता का विकेंद्रीकरण करना होगा तभी सही ताकत आ सकेगी लोगों के हाथों में.''

अन्ना का कहना था, ‘‘जनलोकपाल को लेकर तीन मुद्दों पर हुई जीत लोगों की जीत है. लोगों ने जो प्रयास 13 दिन से किया ये उसी का फल मिला है देश को. ये मीडिया की भी जीत है.’’

अन्ना का भाषण सुनने के लिए हजा़रों की संख्या में लोग जमा हुए थे और लोगों के बैठने के लिए जगह बिल्कुल नहीं थी. अन्ना को बार बार लोगों से अपील करनी पड़ी कि लोग बैठ जाएं.

अन्ना ने कहा, ‘‘ ये गौरव की बात है कि देश में इतना बड़ा आंदोलन हुआ जो अहिंसक रहा. ये दुनिया के लिए एक मिसाल है. ’’

अन्ना ने कहा, ‘‘ग्राम सभा और ग्राम पंचायत महत्वपूर्ण होना चाहिए. ग्राम सभा को ताकत मिले परियोजनाओं पर पैसा खर्च करने की. ग्राम सभा ग्राम पंचायत को हटा सके ऐसा परिवर्तन करना होगा. इन पर सोचना है.’’

अन्ना ने चुनाव सुधारों की बात की जिसमें उन्होंने उम्मीदवारों को नापसंद करने का विकल्प दिए जाने की बात कही. उन्होंने सांसदों को वापस बुलाने के अधिकार की भी मांग की.

उनका कहना था कि चुनाव सुधारों के ज़रिए भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है.

किसानों का मुद्दा उठाते हुए अन्ना ने कहा कि किसानों को न्याय दिलाना होगा.

सभी का शुक्रिया

अनशन तोड़ने के बाद अन्ना को कुछ दिनों के लिए गुड़गांव के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है ताकि उनके स्वास्थय पर नज़र रखी जा सके.

अन्ना की सेहत का आकलन कर रहे डॉक्टर त्रेहान ने बताया कि अन्ना के शरीर में पानी की कमी हो गई है और वे काफ़ी कमज़ोर हो गए हैं.

डॉक्टर त्रेहान के मुताबिक़ पिछले 12 दिनों में अन्ना का सात किलो वज़न घट गया है.

मैदान में हज़ारों की संख्या में लोग तिरंगों के साथ हैं. लोगों में जोश है जुनून है और जश्न का माहौल है.

मंच से लोगों को संबोधित करते हुए अन्ना टीम के सदस्य अरविंद केज़रीवाल ने कहा कि वो सभी राजनीतिक दलों का धन्यवाद करते हैं और साथ ही लोगों का भी जिनके सड़कों पर आने के कारण सरकार पर दबाव बना.

केज़रीवाल ने कहा, '' पार्टियों के सहयोग के बिना ये प्रस्ताव पारित नहीं होता. हम उनका धन्यवाद करते हैं.''

अन्ना का अनशन टूटने से पहले केज़रीवाल ने लंबा भाषण दिया जिसमें उन्होंने कहा कि संविधान लोगों ने बनाया है और सबसे ऊपर लोग हैं जिसके बाद संविधान, संसद और सांसद आते हैं. उन्होंने कहा कि संसद में क़ानून जनता की इच्छा के अनुसार बने.

केज़रीवाल ने कहा कि अन्ना या अन्ना का आंदोलन संविधान के ख़िलाफ़ नहीं है जैसा कि टीम के बारे में प्रचारित किया जा रहा है.

राजनीतिक स्वागत

सताधारी कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने अनशन तोड़ने के अन्ना के फ़ैसले का स्वागत किया है. क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने कहा कि लोकपाल के मसौदे पर सरकार और टीम अन्ना के बीच बातचीत जारी रहेगी.

उन्होंने कहा, "मैं अन्ना हज़ारे और उनकी टीम को उनकी कामयाबी के लिए बधाई देता हूं. लोकपाल के मसौदे को लेकर हमारी उनसे बातचीत जारी रहेगी. अन्ना ने ये थोड़े ही कहा है कि सिर्फ़ मुझसे बात करो? अन्ना ने अपने आज के बयान में बहुत से दूरग़ामी प्रस्ताव दिए हैं. उनमें से बहुत से ऐसे हैं, जिन पर सरकार पहले से ही लगातार चर्चा कर रही है."

इससे पहले शनिवार को लोकसभा और राज्यसभा में अन्ना हज़ारे के तीनो मुद्दों पर सिद्धांत रुप से सहमति बनी थी और ये फ़ैसला किया गया था कि सभी सदस्यों की राय को लोकपाल विधेयक पर विचार कर रही स्थायी समिति को विचारार्थ भेज दिया जाए.

हालांकि पहले टीम अन्ना के सदस्य इन मुद्दों पर औपचारिक मतविभाजन की मांग कर रहे थे लेकिन सरकार के सदस्यों से हुई चर्चा के बाद वे ध्वनिमत से सदस्यों की मंज़ूरी के लिए राज़ी हो गए थे.

दोनों ही सदनों के सदस्यों की इस सैद्धांतिक सहमति को स्थायी समिति को भेजा जा रहा है लेकिन नियमानुसार स्थायी समिति के लिए बाध्यकारी नहीं है.

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