60 लोगों से भरी बस नदी में गिरी

  • 4 सितंबर 2011
बस हादसा (फ़ाइल चित्र) इमेज कॉपीरइट AP
Image caption मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने हादसे में मरनेवालों के परिजनों को 1-1 लाख रूपये देने की घोषणा की है

देहरादून से क़रीब डेढ़ सौ किलोमीटर दूर त्यूणी तहसील के पास एक बस दुर्घटना में 40 से अधिक लोगों के मारे जाने की आशंका है. ये हादसा रविवार की सुबह क़रीब दस बजे हुआ. ये बस त्यूणी से देहरादून आ रही थी.

सूत्रों के मुताबिक 40 सीटों वाली इस निजी बस में करीब 60 लोग बैठे थे. ये सभी त्यूणी और आसपास के पहाड़ी गांवों के लोग थे. ये इलाक़ा जौनसार बावर का है.

उत्तराखंड के आपदा प्रबंधन विभाग के निदेशक पीयूष रौतेला ने बीबीसी को बताया कि 18 लोगों की लाशें निकाल ली गई हैं. 19 लोग बचा लिया गया है जो घायल हैं और उनमें से कई की हालत नाजुक है. 23 लोग अब भी लापता हैं.

आशंका जताई जा रही है कि मरनेवालों की संख्या और भी ज्यादा हो सकती है क्योंकि इस इलाके में बसों में भारी भीड़ रहती है और यहां तक कि बस की छत पर भी कई लोग सवार देखे जाते हैं.

23 लोग अब भी लापता

यही वजह है कि प्रशासन भी सवारियों की निश्चित संख्या बताने में असमर्थ रहता है.

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार संभवत ये हादसा ड्राइवर की भूल से हुआ. यात्रियों को लेकर जैसे ही बस, अड्डे से चली और ड्राइवर बस को मोड़ रहा था संतुलन बिगड़ गया और बस 150 फीट नीचे बह रही नदी में जा गिरी.

ये बस हादसा जहां हुआ वहां टौंस नदी बहती है. नदी इन दिनों भारी बारिश की वजह से उफ़ान पर है. इसलिए बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं. दोपहर 2 बजे तक गोताखोरों को भी नदी में नहीं भेजा जा सका है.

मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने मरनेवालों के परिजनों को 1-1 लाख रूपये देने की घोषणा की है और मुस्तैदी से राहत और बचाव के आदेश दिए हैं.

त्यूणी कहने को देहरादून ज़िले की ही एक तहसील है लेकिन ये इलाक़ा काफ़ी दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र है और रास्ता भी बहुत विकट है. समय समय पर यहां मार्ग की मरम्मत करने और उसे चौड़ा करने की मांगें भी उठती रही हैं.

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