'तमिल विद्रोही देते है माओवादियों को प्रशिक्षण'

छत्तीसगढ़ जंगल इमेज कॉपीरइट bbc bangla

विकीलीक्स के ताज़ा दस्तावेज़ बताते है कि माओवादियों को फिलीपींस के विद्रोही और तमिल विद्रोही प्रशिक्षण देते हैं.

विकीलीक्स के इन दस्तावेज़ों में कहा गया है कि माओवादियों को फिलिपीनो विद्रोहियों और श्रीलंकाई तमिल विद्रोहियों (एलटीटीई) द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जाता रहा है.इस दस्तावेज़ में महाराष्ट्र में आत्मसमर्पण कर चुके रायेनू नामक माओवादी नेता के पुलिस को दिए गए बयान का हवाला दिया गया है.

रिपोर्ट में कहा गया है की रायेनू ने कथित रूप से बयान दिया था कि उसे फिलिपीनो और श्रीलंकाई तमिल विद्रोहियों नें छत्तीसगढ़ के बस्तर के इलाके में उन्हें प्रशिक्षित किया है.

दस्तावेज़ों में माओवादियों से जुड़ी कई और नई बातें सामने आई हैं मसलन माओवादी मोबाइल कंपनियों से उगाही करते हैं.

दस्तावेज़ों के अनुसार छत्तीसगढ़ में एस्सार अपनी बिछाई हुई पाइप लाइन को सही तरह से संचालित होने देने के लिए माओवादियों को समय-समय पर मोटी रकम देता है.

विकीलीक्स की अगस्त महीने के अंत में जारी की गई अपनी इस रिपोर्ट में कहा है कि नक्सल प्रभावित इलाकों में काम कर रही कंपनियाँ माओवादियों को उगाही के तौर पर मोटी रक़म देतीं आ रहीं हैं.

इस रिपोर्ट में कहा गया है कि मुंबई स्थित अमरीकी दूतावास नें अपने देश के साथ हुए कूटनीतिक पत्राचार में कहा है कि एस्सार कंपनी के एक वरिष्ट अधिकारी ने बताया है कि वो छत्तीसगढ़ में खनन और इस्पात संबंधी अपनी परियोजना के लिए "माओवादियों को एक अच्छी ख़ासी रक़म देते हैं ताकि नक्सली उनके काम में दख़ल ना दे और उनका उत्पादन बिना किसी बाधा के होता रहे."

प्रतिक्रिया से कतरा रहे है अधिकारी

इस तथ्य के समाने आने से छत्तीसगढ़ के आला पुलिस अधिकारी इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहे हैं. इस मामले में सरकार की तरफ से कोई बयान नहीं आया है और राज्य में एस्सार कंपनी के अधिकारी भी अब कतरा रहे हैं.

छत्तीसगढ़ में एस्सार के प्रवक्ता शाहनवाज़ नें पहले तो यह कहा कि यहाँ पर कोई इस मामले में बयान देने के लिए अधिकृत नहीं है लेकिन बाद में उन्होंने कहा कि उनकी कंपनी क़ानून का पालन करती है और माओवादियों को पैसे देने की बात बेबुनियाद है.

विशाखापट्नम में एस्सार स्टील की एक अस्सी लाख टन की इस्पात उत्पादन की इकाई है. इस इकाई में पहले लौह अयस्क ट्रकों की मार्फ़त दंतेवाड़ा के इलाक़े से पहुंचाया जाता था.

इस दौरान माओवादियों नें कई बार ट्रकों को आग लगा दी. फिर कंपनी नें विशाखापट्नम तक लगभग 270 किलोमीटर लंबी एक पाइप लाइन बिछाई है जिसके ज़रिए लौह अयस्क भेजा जाता है. पिछले साल माओवादियों नें विस्फोट कर पाइप लाइन को क्षतिग्रस्त कर दिया था. यह पाइप लाइन नक्सल प्रभावित इलाकों से होकर गुज़रती है.

राज्य में सत्तारुढ़ भारतीय जनता पार्टी के दंतेवाड़ा से विधायक भीमा मंडावी नें बीबीसी से बातचीत में कहा है कि यह मामला अब सामने आया है जब विकीलीक्स नें इस ख़बर को उजागर किया है जबकि वह सरकार का ध्यान इस ओर आकृष्ट करते आ रहे हैं.

एस्सार को फ़ायदा

मंडावी ने कहते हैं कि सड़क के बजाए पाइप लाइन के ज़रिए लौह अयस्क भेजने से एस्सार को रोज़ाना करोड़ों रुपए का फ़ायदा होता है, इसलिए कंपनी पाइप लाइन से लौह अयस्क भेजने को तरज़ीह देती है. उनका आरोप है कि इसमें बचने वाले बड़े मुनाफ़े में नक्सलियों को भी हिस्सेदारी है.

छत्तीसगढ़ में केवल कंपनियाँ और ठेकेदार ही नहीं सरकारी अधिकारी भी माओवादियों को पैसे देते आ हैं. इस बात की जानकारी छत्तीसगढ़ के गृह मंत्री ननकी राम कंवर की एक चिट्ठी से हाल ही में हासिल हुई जब उन्होंने राज्य के अपराध अनुसंधान विभाग यानी सीआईडी को पत्र लिख कर ऊँचे ओहदों पर बैठे कुछ एक अधिकारियों के माओवादियों को कथित रूप से पैसे पहुंचाने की जांच करने का निर्देश दिया.

गृह मंत्री की चिट्ठी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़े एक कार्यपालक अभियंता के बारे में बताया गया जिसने कथित रूप से माओवादियों को एक मोटी रक़म पहुंचाई है.

माओवादियों की इस दस्तावेज़ पर प्रतिक्रिया नहीं मिल पायी है जबकि माओवादियों के पैसे की उगाही को लेकर हमेशा से एक विवाद का विषय रहा है.पुलिस का कहना है कि माओवादी तेंदू पत्ता के व्यवसाय और खनिज पैदा करने वाले इलाक़ों में जबरन उगाही के ज़रिए अच्छी कमाई करते हैं.

आंकलनों के हिसाब से सिर्फ़ छत्तीसगढ़ और झारखंड से माओवादी सालाना 25 सौ करोड़ रूपए की वसूली करते हैं. यह सिर्फ़ अनुमान पर आधारित आंकडें हैं जिनकी कोई ठोस पुष्टि नहीं की जा सकती है.

पुलिस की रिपोर्टों के अनुसार माओवादी जंगल में पैदा होने वाले तेंदू पत्ते पर पैसा वसूलते हैं और साथ ही खनिज पैदा करने वाले इलाकों से भी इनकी अच्छी ख़ासी कमाई होती है. इसके अलावा विकास के कार्यों में भी माओवादियों का भी हिस्सा होता है.

संबंधित समाचार