'मायावती अव्वल दर्जे की अति अहंकारी'

मायावती
Image caption अमरीकी अधिकारी मानते हैं कि ग़रीबों और पिछड़ी जातियों में उनकी स्थिति मज़बूत है

विकीलीक्स के दस्तावेज़ के अनुसार भारत में अमरीकी दूतावास ने उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती को 'अव्वल दर्जे की अति अहंकारी' बताया है जिन पर प्रधानमंत्री बनने की धुन सवार है.

अमरीकी कूटनयिकों की ओर से भेजे गए इस दस्तावेज़ में मायावती के धन एकत्रित करने के तरीक़ों पर चर्चा की गई है और साथ ही उनके व्यवहार की भी.

वर्ष 2007 से 2009 के बीच भेजे गए संदेशों में कई ऐसी दिलचस्प जानकारियाँ दी गई हैं जो आमतौर पर सार्वजनिक तौर पर लोगों को पता नहीं है.

दिलचस्प जानकारियाँ

विकीलीक्स के अनुसार 23 अक्तूबर, 2008 को भेजे गए एक केबल में कहा गया है, "जब उन्हें सैंडिल की ज़रुरत थी तो उनका निजी विमान खाली मुंबई भेजा गया जिससे कि वह उनके पसंदीदा ब्रांड की सैंडिल ला सके."

इसी तरह कहा गया है कि मायावती ने खाना चखने के लिए लोगों की नियुक्ति की है जिससे कि कोई उन्हें खाने में ज़हर न दे सके.

समाचार एजेंसी एएफ़पी के अनुसार मायावती की 'सनक, झक और असुरक्षा की भावना' का विश्लेषण करने वाले केबल में कहा गया है, "उन्होंने अपने निवास से अपने कार्यालय तक एक निजी सड़क का निर्माण करवाया है और जब भी उनके वाहनों का कारवाँ वहाँ से गुज़रता है, तुरंत इसकी सफ़ाई की जाती है."

इसमें कहा गया है कि प्रोटोकॉल की एक मामूली ग़लती के लिए मायावती ने अपने एक मंत्री से अपने सामने उठक-बैठक लगवाई थी.

पैसा

Image caption लीक हुए दस्तावेज़ों के अनुसार अमरीकी अधिकारियों ने मायावती के धन एकत्रित करने का भी ज़िक्र किया है

एक संदेश में कहा गया है कि मायावती हर साल अपना जन्मदिन मनाती हैं जिसमें उन्हें 'चापलूस पार्टी सदस्यों, नौकरशाहों और व्यावसायियों' की ओर से दसियों लाख रुपए मिलते हैं और अधिकारियों में उन्हें केक खिलाने के लिए होड़ मची रहती है.

अमरीकी दूतावास के अधिकारियों ने वॉशिंगटन को भेजे गए संदेश में लिखा है कि 'संस्थागत भ्रष्टाचार' की वजह से हर संसदीय क्षेत्र के उम्मीदवार को 2.50 लाख डॉलर (लगभग एक करोड़ रुपए) देने होते हैं.

पिछले लोकसभा चुनाव परिणामों के बाद भेजे गए एक संदेश में कहा गया है कि हालांकि बीएसपी के लिए नतीजे अपेक्षा से ख़राब रहे और उसने 543 में से सिर्फ़ 21 सीटें जीतीं लेकिन उत्तर भारत के ग़रीबों, पिछड़ी जाति के लोगों के बीच वे एक मज़बूत नेता बनी रहीं.

संदेश में जगह-जगह मूर्तियाँ लगवाने के लिए और नोटों की माला पहनने के लिए हुई मायावती की निंदा का भी ज़िक्र किया गया है.

इन संदेशों पर अभी मायावती की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है.

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