संदिग्धों के स्केच जारी

  • 8 सितंबर 2011
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केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम के अनुसार दिल्ली हाईकोर्ट के बाहर बुधवार को सुबह क़रीब सवा दस बजे हुए एक विस्फोट में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं और कम से कम 75 अन्य घायल हुए हैं.

घायलों में से कम से कम चार की हालत गंभीर बताई गई है. जबकि 17 लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई थी.

घायलों का दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों में इलाज किया जा रहा है. ज़्यादातर घायल राममनोहर लोहिया अस्पताल में हैं.

गृहमंत्री ने इसे 'आतंकवादी हमला' बताया है.

'अभी नहीं कह सकते हमलावर कौन'

केंद्रीय गृहमंत्रालय में आतंरिक सुरक्षा मामलों के सचिव यूके बंसल ने पत्रकारों से कहा है कि आरंभिक जाँच से पता चल रहा है इसमें नाइट्रेट के आधार वाले या पीईटीएन विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था.

विस्फोट के बाद: तस्वीरों में

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Image caption पुलिस के अनुसार एक संदिग्ध की उम्र 26 के क़रीब और दूसरे की 50 के क़रीब है

मामले की जांच नेशनल इंवेस्टीगेशन एजेंसी यानी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के हवाले कर दी गई है और जांच के लिए 20 लोगों की विशेष टीम बना दी गई है.

दिल्ली पुलिस ने दो प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर दो संदिग्ध लोगों के स्केच भी जारी किए हैं.

गृहमंत्री पी चिदंबरम ने घटनास्थल का दौरा किया है.

सरकार की ओर से अभी तक नहीं कहा गया है कि इस हमले के पीछे किसका हाथ है लेकिन कई मीडिया संगठनों को भेजे गए ईमेल में चरमपंथी संगठन हरकत-उल-जिहाद अल इस्लामी (हूजी) ने इस विस्फोट की ज़िम्मेदारी ली है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार एनआईए के प्रमुख एससी सिन्हा ने कहा है, "अभी इस ईमेल की सच्चाई के बारे में कुछ कहना जल्दबाज़ी होगी लेकिन हम इसकी जाँच करेंगे क्योंकि हूजी एक बड़ा चरमपंथी संगठन है."

टेलीविज़न चैनलों से बात करते हुए एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि विस्फोट के ठीक पहले उसने सफ़ेद कमीज़ पहने एक व्यक्ति को भागते हुए देखा था. दिल्ली पुलिस दो प्रत्यक्षदर्शियों से पूछताछ कर रही है.

बांग्लादेश की यात्रा पर गए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस विस्फोट को 'आतंकवाद की कायरतापूर्ण कार्रवाई' कहा है.

हालांकि संसद में सभी दलों ने इस हमले की निंदा की है लेकिन बाद में एक बयान में भाजपा के नेता अरुण जेटली ने कहा है कि ख़ुफ़िया सूचनाओं का न आना भी ख़ुफ़िया एजेंसियों की विफलता ही है.

सभी ने की एक सुर में निंदा

अमरीका, ब्रिटेन और पाकिस्तान ने भी इस हमले की निंदा की है.

अफ़ज़ल गुरु की सज़ा माफ़ करें: हूजी

इस विस्फोट की ज़िम्मेदारी संभालने वाला संगठन हूजी मूलरूप से बांग्लादेश का चरमपंथी संगठन है लेकिन कहा जाता है कि इसकी गतिविधियाँ पाकिस्तान में भी हैं.

मीडिया संगठनों को भेजे अपने मेल में हूजी ने कहा है, "दिल्ली हाईकोर्ट में आज हुए विस्फोट की ज़िम्मेदारी हम लेते हैं..हमारी मांग है कि अफ़ज़ल गुरु की मौत की सज़ा को तत्काल रद्द किया जाए अन्यथा हम हम बड़े हाईकोर्टों और सुप्रीम कोर्ट को निशाना बनाएँगे."

उल्लेखनीय है कि अफ़ज़ल गुरु को वर्ष 2001 में संसद पर हुए चरमपंथी हमलों के सिलसिले में सुप्रीम कोर्ट ने फाँसी की सज़ा सुनाई है.

इस फ़ैसले के बाद उन्होंने राष्ट्रपति से रहम की अपील की है जिस पर फ़ैसला आना बचा हुआ है.

ख़बरें हैं कि केंद्रीय गृहमंत्रालय ने राष्ट्रपति से सिफ़ारिश की है कि अफ़ज़ल गुरु की रहम की अपील को रद्द कर दिया जाए.

राहुल गांधी हाय-हाय

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Image caption राहुल गांधी जब पहुँचे तब घायलों के रिश्तेदार परेशान हो चुके थे

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने राममनोहर लोहिया अस्पताल जाकर घायलों से मुलाक़ात की.

बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से उन्होंने कहा, "डॉक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि घायलों को हर संभव इलाज किया जाए."

हालांकि उन्होंने दिल्ली पुलिस और सुरक्षा से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया.

इसके बाद वहाँ कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी भी पहुँचे. जब वे बाहर निकल रहे थे तो वहाँ मौजूद घायलों के परिजनों ने नाराज़गी में 'राहुल गांधी हाय-हाय' के नारे भी लगाए.

अस्पताल के बाहर परिजन इस बात पर नाराज़ थे कि उन्हें अपने घायल रिश्तेदारों से मिलने नहीं दिया जा रहा है.

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