'मैंने कई घायलों को देखा'

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दिल्ली हाई कोर्ट के बाहर हुए धमाकों के दौरान परिसर में कई लोग मौजूद थे.

दिल्ली हाई कोर्ट में वकील विकास सैनी ने कहा कि सवा दस के बजे के नज़दीक उन्होंने एक ज़ोरदार धमाका सुना.

विकास सैनी का कहना था, " मैं बाहर पहुंचा तो पाया कि गेट नंबर पांच के पास जहाँ हाई कोर्ट में अंदर जाने के लिए गेट पास बनते हैं वहाँ कई लोग लहू लुहान ज़मीन पर पड़े हैं. जहाँ गेटपास बनते हैं उस इमारत के सामने के हिस्से में कांच लगे थे जो धमाके की वजह से फूट कर दूर दूर तक बिखर गए और दूर खड़े लोगों को भी लगे."

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी अब्दुल कासिम कादर ने बीबीसी को बताया कि धमाके के वक़्त वो हाई कोर्ट के भीतर जाने के लिए लाइन में खड़ा था.

अब्दुल कासिम कादर ने कहा, ‘‘मैं रजिस्ट्रेशन काउंटर पर खड़ा था. तभी धमाका हुआ और धुआं उठा. मेरी तो आंखे बंद हो गई. मेरी पत्नी दूसरी लाइन में खड़ी दी. मैंने मुश्किल से उठ पाया.’’

एक अन्य महिला का कहना था, ‘‘मैं दस मिनट पहले अपना पास बनवा कर गेट नंबर पाँच से निकली थी. वहीं पर खड़े एक वकील से बात कर रही थी. जब धमाका हुआ तो दूसरे गेट तक चल के गई लेकिन अंदर नहीं जाने दिया गया. अफरा तफरी मच गई थी.’’

हाई कोर्ट में काम करने वाले वकील एन लूथरा का कहना था कि उन्होंने कई लोगों को घायल देखा.

उनका कहना था, ‘‘जब धमाका हुआ तो वो काउंटर के पास ही था. वो आम लोगों का काउंटर है. हमारा नहीं है मैं उसके पास ही खड़ा था.मैंने देखा कि कई लोगों के हाथ और पैरों मैं चोट लगी है. कुछ गाड़ियों में लोगों को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई है.’’

महेंद्र त्यागी नाम के एक प्रत्यक्षदर्शी का कहना था कि उसने संभवत हमलावर को देखा है. त्यागी का कहना था, '' धमाका गेट के बाहर हुआ. जहां पास बनता है बिना पास के अंदर नहीं जा सकते हैं. आप. एक लड़का था सफेद शर्ट में उसके हाथ में सूटकेस था. वो आया उसके बाद ही धमाका हुआ है.''

हालांकि महेंद्र त्यागी की बातों की पुष्टि नहीं हो सकी है लेकिन पुलिस ने कहा है कि धमाका करने वाला विस्फोटक सूटकेस में रखा गया था.