भारी बारिश से छत्तीसगढ़ परेशान

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पिछले पांच दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश की वजह से छत्तीसगढ़ में आम जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बारिश की वजह से मकान ढहने और नदी में बह जाने से पांच लोगों की मौत की ख़बर हैं जिसमे दो बच्चे शामिल हैं.

बारिश में राज्य का रायगढ़ ज़िला सबसे ज्यादा प्रभावित है जहाँ बारिश ने पिछले सौ सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है. रायगढ़ जिले में पिछले 24 घंटों में 470 मिली मीटर बारिश रिकार्ड की गयी है. अब तक इस जिले में 1090.8 मिल्ली मीटर बारिश रिकार्ड की गयी है जो एक सदी में सबसे ज्यादा है.

यातायात प्रभावित

बारिश के चलते सडकें डूब गयी है, कहीं पुल बह गए हैं तो कहीं रेल की पटरियां बह गयीं हैं. दक्षिण मध्य रेलवे के सूत्रों का कहना है कि रायगढ़ जिले में कोतरलिया रेलवे स्टेशन के पास 400 मीटर तक रेल की पटरियां पानी में बह गई हैं जिस कारण इस मार्ग पर रेल यातायात ठप हो गया है.

मुंबई से हावड़ा जाने वाली ट्रेनों को टिटलागढ़ होकर चला जा रहा है जिस कारण यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पढ़ रहा है.

कई ज़िले प्रभावित

बस्तर संभाग में भी कई ऐसे गांव हैं जिनका संपर्क टूट गया है. बीजापुर के आवापल्ली का संपर्क ज़िला मुख्यालय से कटा हुआ है क्योंकि यह इलाका पानी से घिरा हुआ है.

ख़बरों के अनुसार दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी में उफ़ान की वजह से आस पास के 20 गावों को खाली कराया गया है जबकि 26 गाँव पानी से घिरे हुए हैं. हज़ार से ज्यादा ग्रामीण विभिन्न राहत शिविरों में रह रहे हैं.

रायगढ़ जिले में मकान गिरने से दो लोगों की मौत की खबर आ रही है जबकि बाढ़ जैसे हालात की वजह से दस हज़ार से ज्यादा लोग प्रभावित बताये जाते हैं. उसी तरह बिलासपुर जिले में भी 30 हज़ार से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं. चांपा-जांजगीर में महानदी का जलस्तर बढ़ने के कारण कई गावों को खाली कराया गया है.

आरोप प्रत्यारोप

मूसलाधार बारिश से उत्पन्न हालत की चर्चा छत्तीसगढ़ की विधानसभा में भी हुई विपक्ष ने सरकार से कहा कि वह बेकाबू होते हालत को सँभालने के लिए पडोसी राज्यों की मदद ले. मुख्यमंत्री रमन सिंह ने कहा कि सरकार ने कहा कि सरकार लोगों को राहत पहुंचाने की हर संभव मदद कर रही है.

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