दिल्ली हाईकोर्ट में और कैमरे लगेंगे

दिल्ली हाईकोर्ट
Image caption दिल्ली हाईकोर्ट के आस-पास सुरक्षा को चाक चौबंद करने का फ़ैसला

धमाके के बाद दिल्ली हाईकोर्ट में 49 अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का फ़ैसला किया गया है.

वहां पहले से 21 कैमरे लगे हुए हैं लेकिन पिछले चार महीनों में दूसरी बार हुए धमाके के बाद हाईकोर्ट की सुरक्षा को और चाक चौबंद करने के लिए ये फ़ैसला किया गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार गुरूवार को दिल्ली हाईकोर्ट में एक उच्च स्तरीय बैठक हुई जिसके बाद ये निर्णय लिया गया .

एजेंसी के अनुसार बैठक में दिल्ली सरकार के मुख्य सचिव, दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त(क़ानून-व्यवस्था) समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया.

दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव डीके शर्मा के अनुसार लगभग दो घंटे तक चली बैठक की अध्यक्षता दिल्ली हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधिश जस्टिस दीपक मिश्रा ने की.

अतिरिक्त कैमरे

बैठक में कोर्ट परिसर के भीतर और आस-पास 49 और सीसीटीवी कैमरे लगाने का फ़ैसला किया गया.

अतिरिक्त सीसीटीवी कैमरे लगाने का फ़ैसला इसलिए भी किया गया क्योंकि स्वागत कक्ष के पास सीसीटीवी कैमरे के नहीं लगे होने के कारण पुलिस को मंगलवार को हुए बम धमाके का कोई सुराग़ नहीं मिल पा रहा है.

कई सुरक्षा विशेषज्ञ इसकी वजह से पुलिस की आलोचना कर रहें हैं.

ग़ौरतलब है कि मंगलवार को हाईकोर्ट के स्वागत कक्ष के पास हुए बम धमाके में अब तक 13 लोग मारे जा चुके हैं और 50 से ज़्यादा घायल हैं.

गुरूवार को हुई बैठक में कोर्ट परिसर के चारों प्रवेश द्वार पर गाड़ियों के स्कैनर लगाने का भी फ़ैसला किया गया.

हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव डीके शर्मा के अनुसार हाईकोर्ट के आस-पास की सड़कों से ट्रैफ़िक को कम करने पर भी विचार किया गया.

बैठक में मौजूद भारतीय खेल प्राधिकरण के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों के लिए ढेर सारे सीसीटीवी कैमरे ख़रीदे गए थे जिनका कोई प्रयोग नहीं हो रहा है. खेल प्राधिकरण के अधिकारी के अनुसार उन कैमरों को हाईकोर्ट परिसर में लगाया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधिश जस्टिस एस एच कपाडिया ने भी बुधवार को हाईकोर्ट का दौरा किया था और बम धमाके की जगह का निरिक्षण किया था.

उन्होंने हाईकोर्ट के न्यायाधिशों और बार एसोसियेएन के नेताओं से सुरक्षा को मज़बूत करने पर विचार विमर्श किया.

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