'ख़ुफ़िया तंत्र की मज़बूती सबसे ज़रूरी'

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Image caption प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज के सामने दो बड़ी चुनौतियां है और वो है आतंकवाद और वामपंथी चरमपंथ.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आतंकवाद और वामपंथी चरमपंथ देश के लिए सबसे बड़ी समस्या बन गयी है.

शनिवार को दिल्ली में राष्ट्रीय एकता परिषद की 15 वीं बैठक को संबोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने आतंकवाद से मुकाबला करने के लिए देश की ख़ुफ़िया प्रणाली को मज़बूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया.

उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को और सशक्त बनाने की ज़रूरत है.

हाल के दिल्ली धमाकों पर उन्होंने कहा कि भारत एक बार फिर से हमलों का निशाना बना है.इन धमाकों ने दिखा दिया हैं कि ख़ुफ़िया तंत्र में कमी से किसी तरह का समझौता नही किया जा सकता.

आतंकवाद और वामपंथी चरमपंथ

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने में कुछ पड़ोसी देशों ने हमारी खूब मदद की है.

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय समाज के सामने दो बड़ी चुनौतियां है और वो है आतंकवाद और वामपंथी चरमपंथ.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि हमें लगातार ख़ुफ़िया तंत्र को बेहतर और मज़बूत बनाना होगा ताकि वो बेहतर तालमेल के साथ सूचनाओं को एकत्र करके उनका आदान प्रदान कर सकें.

साथ ही आतंकवादियों और नक्सल वादियों के द्वारा इस्तेमाल की जा रही नई तकनीकि और तरीकों से भी निपटा जा सके.

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखी जाएगी. उन्होंने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि जांच एजेंसियां किसी भी तरह के पक्षपात से मुक्त हों.

तीन साल बाद हो रही इस बैठक में एनआईसी में 147 सदस्य शामिल हो रहे हैं.

इनमें केंद्रीय मंत्री, लोकसभा और राज्यसभा में विपक्ष के नेता, सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, राजनीतिक दलों के नेता और बिजनेस, मीडिया एवं अन्य सामाजिक क्षेत्रों की हस्तियां भी शामिल हैं.

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