भूकंप में 26 मारे गए, सौ से अधिक घायल

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Image caption सिलिगुड़ी में कई भवनों में दरार आई है और ये मंदिर तो धराशाई ही हो गया

भारत के पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम में आए भूकंप में कम से कम 26 लोग मारे गए हैं और कई अन्य घायल हुए हैं.

भूकंप की तीव्रता रिएक्टर पैमाने पर 6.8 मापी गई थी और इससे कई राज्य प्रभावित हुए हैं.

पुलिस का कहना है कि बारिश और भूस्खलन के कारण राहत एवं बचाव कार्य में मुश्किलें आ रही हैं.

भूकंप के कारण बिहार, तिब्बत और नेपाल में भी लोगों के मरने की ख़बर है. नेपाल की राजधानी काठमांडू में ब्रितानी दूतावास की दीवार गिरने से तीन लोगों की मौत हुई है.

रविवार की शाम को आए इस भूकंप का केंद्र सिक्किम से कुछ दूर था लेकिन इसके झटके उत्तरपूर्वी राज्यों, बिहार, राजधानी दिल्ली , पड़ोसी देशों नेपाल और बांग्लादेश तक महसूस किए गए.

समाचार एजेंसियों के अनुसार इससे अब तक 26 लोगों के मारे जाने और सौ अधिक लोगों के घायल होने की ख़बरें हैं.

रात हो जाने और ज़्यादातर जगह टेलीफ़ोन व्यवस्था ठप हो जाने की वजह से सुदूर इलाक़ों की ख़बरें अभी नहीं मिल सकी हैं.

तस्वीरों में: भूकंप से नुक़सान

भूकंप के झटके सिक्किम के अलावा असम, मेघालय, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल के कई इलाक़ों, बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, चंडीगढ़ और राजधानी दिल्ली में महसूस किए गए हैं.

कई जगह से जानमाल के नुक़सान की ख़बरें आ रही हैं. टेलीविज़न पर कई जगह इमारतों में दरार पड़ने की तस्वीरें दिखाई जा रही हैं.

सिक्किम में कई जगह भूस्खलन हुआ है और सड़कें बंद हो गई हैं. बताया गया है कि जलपाईगुड़ी से गंगटोक को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग में भी कई जगह बाधाएँ आई हैं.

भूकंप के बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री से बात की है और उनके निर्देशों पर दिल्ली में कई आपात बैठकें हुई हैं.

दिल्ली से राष्ट्रीय आपदा राहत बल को सिक्किम रवाना किया गया है.

सिक्किम सरकार ने मदद के लिए सेना को भी बुला लिया है.

बिजली-फ़ोन ठप, सड़कें बंद

कहा जा रहा है कि ये पिछले दो दशकों में उत्तर पूर्व में आया सबसे बड़ा भूकंप है. इसका केंद्र सिक्किम की राजधानी गंगटोक से क़रीब 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मंगन में स्थित था.

शाम क़रीब सवा छह बजे आए इस भूंकप के तेज़ झटके 10 से 15 सेकेंड तक महसूस किए गए.

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Image caption शहरी इलाक़ों में तो घायलों को अस्पताल पहुँचाया गया लेकिन सुदूर इलाक़ों के बारे में अभी कोई जानकारी नहीं है

सिक्किम में भू-विज्ञान विभाग के सचिव शैलेष नायक का कहना है कि सिक्किम के कई इलाक़ों में 30 सेकेंड से एक मिनट तक झटके महसूस होते रहे.

सिक्किम में इसके बाद कई और झटके महसूस किए गए.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने सिक्किम के मुख्य सचिव कर्मा ग्यात्सो के हवाले से कहा है कि सिक्किम में कम से कम चार लोगों की मौतें हुई हैं.

इनमें से दो सिंगथम में, एक डिकचु में और एक मंगन में मारा गया है.

मुख्य सचिव के अनुसार भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचने के लिए सेना की मदद मांगी गई है.

बताया गया है कि सिक्किम में तेज़ बारिश हो रही है. वहाँ बिजली और फ़ोन ठप हो गए हैं और जगह-जगह भू स्खलन से सड़कें बंद हो गई हैं.

आशंका जताई जा रही है कि इससे राहत और सहायता पहुँचने में विलंब हो सकता है.

एक व्यक्ति के पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी में मौत हुई है जबकि दो व्यक्ति बिहार में मारे गए हैं.

बिहार के डीजीपी अभियानंद ने बताया कि नालंदा ज़िले में हरनौद गाँव में एक बच्ची दीवार ढहने से मर गई जबकि तरोनी गाँव में एक और व्यक्ति की मौत हो गई.

गंगटोक और दार्जिलिंग में कई ऊंची इमारतों में दरार पड़ने की ख़बरें हैं. लोगों का कहना है कि बहुत सी इमारतों के शीशे टूट गए और बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए.

एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से पीटीई ने कहा है कि पेगॉन्ग में इंडो तिब्बतन बॉर्डर पुलिस (आईटीबीपी) की दो इमारतों को नुक़सान पहुँचा है लेकिन वहाँ किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है.

नेपाल में नुक़सान

इस भूकंप की वजह से नेपाल में कम से कम पाँच लोगों के मारे जाने की ख़बरें हैं.

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Image caption नेपाल से भी जानमाल के नुक़सान की ख़बरें आ रही हैं

आरंभिक ख़बरों के अनुसार तीन लोग कांठमांठू में और दो लोग पूर्वी शहर धारण में मारे गए हैं.

मारे गए लोगों में एक आठ साल की बच्ची भी है जो ब्रिटिश दूतावास की एक दीवार के ढहने की वजह से मारी गई.

ख़बरें हैं कि नेपाल में बहुत से लोग घायल हुए हैं. इनमें से कई वो हैं जो भूकंप आने के बाद इमारतों से बाहर कूद गए. इन सभी को अस्पतालों में भर्ती करवाया गया है.

इसके बाद वहाँ मंत्रिमंडल की एक आपात बैठक भी हुई है.

इसके अलावा बांग्लादेश में भी भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं. पीटीआई के अनुसार कंपन महसूस होने के बाद बहुत से लोग अपने घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए.

आपात बैठक

भूकंप की ख़बरों के बाद दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग से चर्चा की है और उन्हें हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया है.

प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार उन्होंने कैबिनेट सचिव से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की आपात बैठक बुलाने के भी निर्देश दिए.

इस बैठक के बाद वायुसेना के पाँच विमान भूकंप पीड़ित इलाक़ों में सहायता और राहत पहुँचाने के लिए तैनात किए गए हैं.

वायुसेना के अनुसार अगर ज़रुरत पड़ी तो इन इलाक़ों में हेलीकॉप्टर भी तैनात किए जा सकते हैं.

सरकार ने राष्ट्रीय आपदा राहत बल की दो टीमें दिल्ली से कोलकाता रवाना की हैं. वहाँ से ये टीमें भूकंप पीड़ित इलाक़ों तक जा रही हैं.

जगह-जगह झटके

सिक्किम में आए इस भूकंप के झटके देश के कई हिस्सों में महसूस किए गए हैं.

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Image caption पटना, इलाहाबाद, दिल्ली और आसपास के इलाक़ों में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए

सबसे ज़्यादा असर पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी ज़िले में दिख रहा है जहाँ भूकंप के बाद बिजली ठप हो गए और टेलीफ़ोन बंद गए.

बिहार की राजधानी पटना से मिली ख़बरों के अनुसार राज्य के कई हिस्सों में भूकंप के झटके महसूस किए गए और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आए.

मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, नवादा, मुंगेर सहित कई ज़िलों से भूकंप के झटके महसूस किए जाने की ख़बरें हैं.

राज्य में इससे दो लोगों के मौत की भी ख़बरें हैं.

झारखंड के साहेबगंज और गिरिडीह में भी झटके महसूस किए गए.

इसके अलावा राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश से भी भूकंप के झटके महसूस किए जाने की ख़बरें हैं.

देश की राजधानी दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में भी झटके महसूस किए गए और लोग घरों से निकलकर सड़कों पर उतर आए.

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