मोदी उपवास के दूसरे दिन राजनीति गर्म

  • 18 सितंबर 2011
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Image caption मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास का रविवार को दूसरा दिन है

अहमदाबाद में गुजरात विश्वविद्यालय के सभागार में मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी के उपवास का रविवार को दूसरा दिन है.

भारतीय जनता पार्टी नरेंद्र मोदी के उपवास को ऐतिहासिक बता रही है लेकिन कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने इस पर सवाल उठाए हैं.

जहाँ एक तरफ कांग्रेस का कहना है कि उपवास पर बैठकर नरेंद्र मोदी अपने अपराधों को छिपा नही सकते, वहीं समाजवादी पार्टी इसे भारतीय जनता पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष के रूप में देख रही है.

कांग्रेस के प्रवक्ता राशिद अल्वी का कहना है कि मोदी उपवास की ज़रूरत महसूस कर रहे थे,

इसका मतलब ये है कि उन्होंने गुजरात में हुए अपराधों में अपनी भूमिका स्वीकार कर ली है, लेकिन उपवास किसी का चरित्र नही बदल सकता है. उपवास नरेंद्र मोदी के अपराधों को ठीक नही कर सकता.

समाजवादी पार्टी के महासचिव मोहन सिंह का कहना है कि मोदी को अनशन करने को कोई नैतिक अधिकार ही नही है, क्योंकि उन्होंने राजधर्म का पालन नही किया. पूर्व मंत्री हरेन पांड्या की विधवा समेत अभी भी तमाम महिलाएं न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं.

मोहन सिंह कहते है कि मोदी के उपवास का मकसद ख़ुद को प्रधानमंत्री के तौर पर पेश करना है. ख़ासकर ऐसे समय में जब आडवाणी ख़ुद ही जूझ रहे हैं, ये पार्टी के भीतर सत्ता संघर्ष है.

जनता दल यूनाटेड के अध्यक्ष शरद यादव का कहना है कि भारत की सत्तर से अस्सी फ़ीसदी आबादी सिर्फ़ 20 रुपए में जीती है. अधिकांश जनता को हर रोज़ दिन में एक बार या फिर पूरे ही दिन भूखा रहना पड़ता हैं, उनके बारे में कोई भी बात नही करता.

अमरीका में भी उपवास

नरेन्द्र मोदी के उपवास के समर्थन में ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ बीजेपी यानि भारतीय जनता पार्टी के विदेशी मित्रों ने भी उपवास रखा.

ओएफबीजेपी के सदस्यों ने अमरीका के एक दर्जन से ज़्यादा शहरों में उपवास रखा.

ओएफबीजेपी के एक बयान के मुताबिक मोदी के समर्थन में न्यूयॉर्क, न्यूजर्सी, पेंसिल्वेनिया, वॉशिंगटन, अटलांटा, सेंट लुईस, शिकागो, केंटकी, फ्लोरिडा, टेक्सास और कैलिफोर्निया में उपवास रखा गया.

न्यूजर्सी के ओएफबीजेपी के अध्यक्ष जयेश पटेल ने कहा, ‘‘परीक्षा की घड़ियों में भी मोदी गुजरात के विकास के लिए अथक मेहनत करते रहे और अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियां निभाते रहे. गुजरात न सिर्फ भारत के लिए बल्कि पूरे संसार के लिए विकास का आदर्श बन गया है.’’

इस बीच, उपवास पर बैठे मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि अगर वो गुजरात दंगों के दोषी हैं तो उन्हें फाँसी दे दी जाए.

नरेंद्र मोदी के उपवास के जवाब में कांग्रेस नेता शंकर सिंह वाघेला भी उपवास पर बैठे हैं.

एक तरफ नरेंद्र मोदी वातानुकूलित हॉल में अनशन कर रहे हैं.

दूसरी तरफ शंकर सिंह वाघेला साबरमती आश्रम के बाहर खुले में बैठकर अनशन का जवाब दे रहे हैं. अहमदाबाद में शुरू हुए दो सियासी उपवासों पर राजनीति गर्म है.

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