भूकंप में मरने वालों की संख्या 81 पहुँची

सिक्किम भूकंप इमेज कॉपीरइट AP
Image caption मरने वालों की संख्या में इजाफ़ा होने की आशंका जताई जा रही है.

रविवार को भारतीय पूर्वोत्तर क्षेत्रों में आए भूकंप ने सिक्किम में सबसे ज़्यादा तबाही मचाई है और ताज़ा आधिकारिक बयान के मुताबिक़ राज्य में 50 लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है.

इस पुष्टि के बाद भारत में मारे जाने वालों की संख्या 68 पहुंच गई है, जिनमें से बारह मौतें पश्चिम बंगाल में दर्ज की गई हैं जबकि बिहार में छह लोग मारे गए हैं.

उधर तिब्बत में छह और नेपाल में सात लोगों के मारे जाने की पुष्टि हो चुकी है. यानी रविवार को आए भूकंप में मृतकों की संख्या 81 हो गई है.

सिक्किम के मुख्य सचिव कर्मा ग्यात्सो ने बीबीसी को बताया कि उत्तरी सिक्किम में सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ है और काफ़ी मशक्कत के बाद राहतकर्मियों की टीम उत्तरी सिक्किम के मंगन इलाक़े में पहुंच गई है.

मंगन भूकंप का केंद्र था और और लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से ये इस इलाके का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से पूरी तरह टूट गया था.

सबसे ज़्यादा मृतकों की तादाद उत्तरी सिक्किम में दर्ज की गई हैं जहां 33 लोग मारे गए हैं.

मुख्य सचिव कर्मा ग्यात्सो ने बीबीसी से बातचीत में कहा, “जब राहतकर्मी और सेना के कर्मी उत्तरी सिक्किम के बाकी इलाकों की ओर अग्रसर होंगें, तभी पूरी तबाही की साफ़ तस्वीर सामने आ पाएगी. हमारा प्रारंभिक अनुमान है कि उत्तरी सिक्किम में एक लाख से ज़्यादा घर भूकंप से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और मरने वालों की संख्या में इजाफ़ा हो सकता है. उत्तरी सिक्किम में कुछ ही इलाक़ों में राहतकर्मी पहुंच पाए हैं. जहां सड़क के रास्ते नहीं पहुंचा जा सकता, वहां सेना के हेलिकॉप्टर लोगों तक खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं.”

उत्तरी सिक्किम के कई गांवों में लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है और उन तक पहुंचने की कोशिशें जारी है.

केंद्रीय गृह सचिव आरके सिंह ने बताया कि दिल्ली से 10 डॉक्टरों की एक टीम उत्तरी सिक्किम के चुंगथांग इलाक़े में पहुंच गई है.

सेना उत्तरी सिक्किम की ओर अग्रसर

उधर भारतीय वायु सेना ने दिल्ली में मौजूद अपने अड्डों को क्रियाशील कर दिया है ताकि अतिरिक्त हवाई जहाज़ों की ज़रूरत पड़ने पर उन्हें तुरंत सिक्किम की ओर रवाना किया जा सके.

ब्रिगेडियर रनबीर सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया, “सेना कई अलग-थलग इलाकों में पीड़ितों तक पहुंचने में कामयाब रही है, लेकिन अभी बहुत कुछ करना बाकी है. सेना के कुल 5,500 सैनिक सिक्किम के विभिन्न भागों में छोटी-छोटी टुकड़ियों में काम कर रहे हैं. वायु सेना के साथ मिल कर 13 हवाई जहाज़ अब तक राहतकार्य में लगाए जा चुके हैं. टूटी हुई सड़कों को बहाल करने के लिए कई इंजीनियरों को काम में लगाया गया है.”

ब्रिगेडियर रनबीर सिंह ने बताया कि सेना और दूसरी राहतकर्मियों की टीम अब तक 62 गांवों में पहुंच चुकी है और अब तक 20 मेडिकल सेंटर लगाए जा चुके हैं जिसमें करीब 400 लोगों को चिकित्सकीय मदद दी जा चुकी है.

उत्तरी सिक्किम के चुंगथांग इलाके में भूकंप से बहुत नुक़सान हुआ है और सोमवार शाम सेना के जाट रेजिमेंट की एक राहत टीम को हेलिकॉप्टर से चुंगथांग और मंगन में उतारा गया था.

अधिकारियों के मुताबिक़ सड़कें धँसने के कारण राहत कार्य में बाधा आ रही है. सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग प्रभावित इलाक़ों का दौरा कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने मारे गए लोगों के परिजनों के लिए दो लाख रुपए के मुआवज़े की घोषणा की है, जबकि बुरी तरह घायल हुए लोगों के लिए एक लाख के मुआवज़े की घोषणा की गई है.

उधर सिक्किम सरकार का कहना है कि मारे गए लोगों के परिजनों के लिए पांच लाख और बुरी तरह घायल हुए लोगों के लिए पचास हज़ार रुपए का मुआवज़ा लोगों को बंटना शुरू हो गया है.

गैंगटॉक में कई सरकारी इमारतें इस भूकंप से क्षतिग्रस्त हुई हैं, जिनमें सिक्किम मुख्यमंत्री का कार्यालय, पुलिस हैडक्वॉटर्स और सचिवालय शामिल है.

संबंधित समाचार