'पार्टी और लोगों से जो मिला वो पीएम पद से अधिक है'

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Image caption आडवाणी को अपनी यात्रा के लिए संघ का समर्थन भी चाहिए.

भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा है कि उन्हें संघ, जनसंघ और बीजेपी में अपने सहयोगियों तथा लोगों से जो कुछ मिला है वो प्रधानमंत्री बनने से बहुत अधिक है.

भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ अपनी प्रस्तावित यात्रा से पहले आडवाणी ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत से मुलाक़ात की है.

यह पूछे जाने पर कि क्या वो 2014 में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं होंगे तो उन्होंने इसका सीधा जवाब नहीं दिया. उन्होंने कहा, '' संघ, जनसंघ और बीजेपी में सहयोगियों से और आम जनता से जो मुझे मिला है वो प्रधानमंत्री पद से बहुत अधिक है.''

आडवाणी ने संघ प्रमुख भागवत से मिलकर यात्रा के लिए उनका समर्थन मांगा है.

पार्टी सूत्रों का कहना है कि यात्रा के बारे में आडवाणी की अचानक की गई घोषणा से संघ प्रसन्न नहीं है क्योंकि संघ आडवाणी को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के तौर पर नहीं देख रहा है.

ऐसा माना जा रहा है कि संघ आडवाणी से यह साफ करने को कहेगा कि वो 2014 के आम चुनावों में खुद को प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार के रुप में पेश नहीं करेंगे.

हालांकि आडवाणी ने कहा है कि ऐसी कोई बात नहीं है.

संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘ जो लोग संघ और बीजेपी की कार्यशैली को समझते हैं वो जानते हैं कि हम कैसे काम करते हैं. ऐसी कोई बात नहीं है.’’

हालांकि उन्होंने ये नहीं कहा कि वो 2014 में पार्टी के पीएम पद के उम्मीदवार नहीं होंगे. इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि ये सवाल नहीं है सुझाव है और इस पर अभी क्या कहा जा सकता है.

आडवाणी ने अपनी यात्रा के बारे में कहा कि वो 11 अक्तूबर से यात्रा शुरु करेंगे क्योंकि ये दिन जयप्रकाश नारायण का जन्मदिन है. उन्होंने कहा कि वो अपनी यात्रा में पूर्वोत्तर भारत भी जाएंगे.

आडवाणी ने संघ नेताओं से मुलाक़ात के बाद ज़ोर देकर कहा कि वो अपनी यात्रा निश्चित दिन पर शुरु करेंगे.

उन्होंने सरकार की कडी आलोचना करते हुए कहा कि नोट के बदले वोट घोटाला भारत का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है.

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