नवाब पटौदी सुपुर्द-ए-ख़ाक

  • 23 सितंबर 2011
मंसूर अली ख़ान पटौदी
Image caption मंसूर अली ख़ान पटौदी एक लोकप्रिय व्यक्ति थे

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान मंसूर अली ख़ान पटौदी को उनके पैतृक गाँव पटौदी में दफ़ना दिया गया है. उनके जनाज़े में खेल और फ़िल्म जगत की नामी-गिरामी हस्तियों ने हिस्सा लिया.

कई राजनेता भी वहाँ मौजूद थे. इससे पहले दिल्ली के वसंत विहार स्थित उनके निवास पर उनके परिजनों, मित्रों और बहुत से गणमान्य लोगों ने उन्हें नम आँखों से विदाई दी.

फेफड़े में संक्रमण की वजह से गुरुवार को उनका निधन हो गया था. वे 70 वर्ष के थे.

तस्वीरों में: क्रिकेट के नवाब

उन्हें भारत से सफलतम कप्तानों में से एक माना जाता है. उनकी कप्तानी में ही भारत ने पहली बार विदेश में टेस्ट मैचों की सिरीज़ जीती थी.

कहा जाता है कि उन्होंन भारत को जीतना सिखाया.

अंतिम विदाई

वसंत विहार स्थित निवास पर उनका पार्थिव शरीर सुबह लाया गया.

उनकी पत्नी पूर्व अभिनेत्री और सेंसर बोर्ड की पूर्व अध्यक्ष शर्मिला टैगोर, उनके बेटे और फ़िल्म अभिनेता सैफ़ अली ख़ान, सैफ़ की मित्र करीना कपूर, उनकी दोनों बेटियों सहित कई परिजन वहाँ मौजूद थे.

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, राज्यसभा में विपक्ष के नेता अरूण जेटली ने उनके निवास पर जाकर श्रद्धांजलि दी.

मंसूर अली ख़ान पटौदी को श्रद्धांजलि देने वालों में पाकिस्तान के उच्चायुक्त शाहिद मलिक, भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव, पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के प्रमुख आईएस बिंद्रा शामिल थे.

जब अंतिम यात्रा शुरु हुई तो उनके निवास के बाहर सैकड़ों प्रशंसक और मीडियाकर्मी मौजूद थे.

अंतिम संस्कार हरियाणा के पटौदी में किया जाएगा. पटौदी एक छोटी रियासत थी जिस पर मंसूर अली ख़ान के पूर्वज राज किया करते थे.

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