तेलंगाना के लिए रास्ता रोका, कई गिरफ़्तार

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Image caption आंदोलन की वजह से सरकारी बसें पहले से ही नहीं चल रही हैं

आंध्र प्रदेश में अलग तेलंगाना राज्य के लिए चल रहे आंदोलन के सोलहवें दिन पूरे तेलंगाना इलाक़े में सौ से अधिक स्थानों पर रास्ता रोका गया.

हैदराबाद में भी प्रमुख चौराहों पर रास्ता रोका गया और वारंगल, महबूबनगर सहित तेलंगाना क्षेत्र के सभी शहरों में रास्ता रोका गया.

आंध्र प्रदेश से तेलंगाना में प्रवेश का रास्ता भी रोक गया.

जगह-जगह प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ़्तार किया है. इनमें तेलंगाना राष्ट्र समिति के तारक रामाराव और हरीश रामाराव और संयुक्त संघर्ष समिति के संचालक प्रोफ़ेसर कोदंडा राम शामिल हैं.

इस आंदोलन की वजह से पहले से ही अस्तव्यस्त जन-जीवन एक तरह से ठहर गया.

रास्ता रोको

आंदोलनकारियों ने पहले से की गई घोषणाओं के अनुसार हैदराबाद के आबिद रोड चौराहे, पैराडाइज़ चौराहे और हाईटेक सिटी चौराहे सहित कई जगह रास्ता रोक दिया.

ख़बरें हैं कि तेलंगाना क्षेत्र के सभी शहरों में रास्ता रोको आंदोलन का व्यापक असर दिखा है.

चूंकि सरकारी बसें पहले से ही सड़कों पर नहीं हैं और निजी वाहन भी बहुत ज़रुरत होने पर सड़कों पर निकल रहे हैं, रास्ता रोको की वजह से पहले से अस्त व्यस्त जीवन ठहर सा गया.

आंदोलनकारियों ने वारंगल के काकतीय विश्वविद्यालय के छात्रों ने राज्य के मंत्री सारैया के घर का घेराव किया.

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Image caption टीआरएस नेता हरीश राव को मंगलवार को भी गिरफ़्तार किया गया था

मंगलवार को हैदराबाद में रोड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के कार्यालय के बाहर ज़बरदस्त तनाव पैदा हो गया था और पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा था.

इसमें तेलंगाना राष्ट्र समिति के दो नेता हरीश राव, के ईश्वर और तेलंगाना के कर्मचारियों की संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक स्वामी गौड़ घायल हो गए थे.

आशंका जताई जा रही थी कि स्वामी गौड़ को दिल का दौरा पड़ा है लेकिन डॉक्टरों ने कहा है कि उन्हें सदमा पहुँचा था इसलिए उनका स्वास्थ्य ख़राब हो गया था.

अब कर्मचारी संघर्ष समिति मानवाधिकार आयोग को शिकायत करने का फ़ैसला किया है कि पुलिस आंदोलनकारियों का दमन कर रही है.

'आंध्र वालों वापस जाओ'

हैदराबाद में उस्मानिया विश्वविद्यालय के छात्रों ने तेलंगाना के आंदोलन को आगे बढ़ाते हुए दो अक्तूबर, गांधी जयंती से से पूरे इलाक़े में शराब की बिक्री बंद करने का फ़ैसला किया है.

छात्रों का कहना है कि इसके बाद छह अक्तूबर से तेलंगाना इलाक़े में 'आंध्र वालों वापस जाओ' आंदोलन शुरु किया जाएगा.

उनका कहना है कि इस आंदोलन के तहत उन सभी लोगों को तेलंगाना छोड़कर जाने को कहा जाएगा जो इस शेष आंध्र प्रदेश के इलाक़ों के रहने वाले हैं.

पिछले 16 दिनों से चल रहे आंदोलन में आंध्र प्रदेश का विभाजन करके अलग तेलंगाना राज्य के गठन की मांग की जा रही है.

तेलंगाना के लिए पिछले दो वर्षों में कई बार आंदोलन हुए हैं लेकिन इस बार आंदोलन सबसे बड़ा दिख रहा है.

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