'मैं हड़ताल पर भी नहीं हूं'

तेलंगाना में हड़ताल
Image caption तेलंगाना में लाखों कर्मचारी हड़ताल पर हैं.

अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर तेलंगाना क्षेत्र के कर्मचारी पिछले 17 दिनों से हड़ताल पर हैं लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो इसमें शामिल नहीं है.

वीरा रेड्डी हैदराबाद में राज्य सचिवालय में काम करते हैं और वो आंध्र क्षेत्र से संबंध रखने वाले उन कर्मचारियों में से एक हैं जो हड़ताल में हिस्सा नहीं ले रहें हैं और रोज़ाना अपनी ड्यूटी कर रहें हैं.

हड़ताल से दूर रहने का कारण पूछे जाने पर उनका कहना था, ''मैं तेलंगाना राज्य का विरोधी नहीं हूँ. अगर तेलंगाना बन जाता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन मैं नहीं चाहता कि हड़ताल में भाग लेकर अपना सर्विस रिकार्ड ख़राब करूं.''

लेकिन वीरा के मुताबिक़ यह कहना सहीं नहीं है कि आंध्र क्षेत्र से संबंध रखने वाले कर्मचारी इसलिए हड़ताल से दूर हैं क्योंकि उन्हें अपने वेतन की चिंता है.

तेलंगाना का विरोध

इनमें से कई लोग तेलंगाना राज्य के पक्ष में नहीं हैं इसीलिए वे काम कर रहे हैं.

वीरा कहते हैं, ''मैं आंध्र प्रदेश नॉन गैज़ेटेड ऑफ़िसर्स यूनियन के सदस्य हूं जो हड़ताल में भाग नहीं ले रही है. लेकिन एक ऐसे समय जबकि लाखों लोग हड़ताल कर रहें हैं हमारे लिए ड्यूटी पर आना आसान नहीं है. कुछ आंदोलनकारी हमें बुरा भला कह रहें हैं.''

वीरा के अनुसार दो दिन पहले उनकी बसों पर पत्थर फेंके गए और उन्हें काफ़ी तनाव से गुज़रना पड़ रहा है.

वीरा आगे कहते हैं, ''हड़ताल के कारण हम पर काम का भी काफ़ी बोझ है क्योंकि हमें दूसरों का काम भी करना पड़ रहा है. लेकिन हम काम भी नहीं छोड़ सकते. क्योंकि अगर सब ही हड़ताल पर चले जाएँ तो प्रशासन ही ख़त्म हो जाएगा.''

आंध्र के कुछ कर्मचारी ऐसे भी हैं जो इस हड़ताल का पीछे से समर्थन कर रहे हैं.

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