तेलंगाना के समर्थन में हैदराबाद बंद

  • 30 सितंबर 2011
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Image caption तेलंगाना को लेकर पहले से ही विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं

अलग तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे संगठनों ने शुक्रवार को राजधानी हैदराबाद के बंद का आह्वान किया है.

अलग तेलंगाना राज्य को लेकर चल रही हड़ताल शुक्रवार को 18 वें दिन में प्रवेश कर गई. इस बंद का आह्वान तेलंगाना संघर्ष समिति ने किया है. राजधानी हैदराबाद में सारी दूकानें बंद हैं. बसें तो 10 दिनों से बंद हैं और स्कूल-कॉलेज भी पहले से ही बंद हैं.

तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने जनता से आह्वान किया है कि इसे सफल बनाए. उन्होंने कहा कि तेलंगाना की लड़ाई निर्णायक मोड़ पर पहुँच गई है. उन्होंने ये भी उम्मीद जताई कि ये आख़िरी बंद होगा.

संयुक्त संघर्ष समिति संयोजक प्रोफ़ेसर कोडंडा राम ने बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने 30 सितंबर तक का समय मांगा था, जो शुक्रवार को ख़त्म हो रहा है.

इस बीच आंध्र प्रदेश में कांग्रेस के प्रभारी ग़ुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि पार्टी के अंदर इस मुद्दे पर सलाह-मशविरा ख़त्म हो गई है और वे प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह औऱ सोनिया गांधी से मिलकर अपनी रिपोर्ट सौंप देंगे.

दबाव

दूसरी ओर तेलंगाना कांग्रेस के नेताओं पर दबाव बढ़ता जा रहा है. तेलंगाना समर्थकों ने इन नेताओं पर काफ़ी दबाव बना रखा है. तेलंगाना के कांग्रेसी नेता दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं.

वे चाहते हैं कि पार्टी आलाकमान कुछ तो बताए ताकि वे तेलंगाना जा सकें.

इस बीच तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर राव दिल्ली पहुँचकर प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति से मिलने की कोशिश करेंगे.

उनके साथ तेलंगाना पर गठित संयुक्त संघर्ष समिति (जेएसी) के भी कई नेता मौजूद रहेंगे. माना जा रहा है कि इन नेताओं का एक मक़सद राष्ट्रीय मीडिया में अपनी बात रखना भी है.

माना जा रहा था कि तेलंगाना की हड़ताल का राष्ट्रीय स्तर पर असर होगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं, जिससे लोग निराश हैं.

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