पत्नी को संजीव भट्ट की जान की चिंता

  • 1 अक्तूबर 2011
संजीव भट्ट को ले जाती पुलिस इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption संजीव भट्ट की पत्नी का कहना है कि उन्हें क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है

गुजरात के निलंबित आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट की गिरफ़्तारी के एक दिन बाद उनके परिवार ने उनकी जान की रक्षा को लेकर चिंता जताई है और पुलिस के आला अधिकारियों को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है.

संजीव भट्ट की पत्नी श्वेता भट्ट ने कहा है, "शुक्रवार को हुई गिरफ़्तारी के बाद से मुझे संजीव से मिलने नहीं दिया गया है. पुलिस अधिकारी उनके वकील को भी उनसे मिलने नहीं दे रहे हैं. ऐसे में हम उनकी ज़मानत याचिका कैसे दायर कर सकते हैं."

लेकिन गुजरात पुलिस ने संजीव भट्ट की पत्नी की ओर से उनकी जान को लेकर जताई जा रही आशँकाओं को 'निराधार' कहकर ख़ारिज कर दिया है.

अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर सुधीर सिन्हा ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा,"हम भट्ट की ज़िंदगी को कोई ख़तरा नहीं है. जो आशंका उनकी पत्नी ने ज़ाहिर की है वह निराधार है."

संजीव भट्ट को शुक्रवार को पुलिस ने उनके घर से गिरफ़्तार कर लिया था.

ये गिरफ़्तारी उनके मातहत काम कर चुके एक कॉन्सटेबल केडी पंत की ओर से दर्ज पुलिस रिपोर्ट के आधार पर की गई है. इस रिपोर्ट में संजीव भट्ट पर आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने दबाव डालकर मोदी के ख़िलाफ़ हलफ़नामा दायर करवाया.

उल्लेखनीय है कि संजीव भट्ट ने गत मार्च में नरेंद्र मोदी के ख़िलाफ़ एक याचिका दायर करके कहा था कि गोधरा कांड के बाद 27 फ़रवरी, 2002 को अपने घर पर हुई एक बैठक में पुलिस अधिकारियों से कहा था कि लोगों को नाराज़गी ज़ाहिर करने का मौक़ा देना चाहिए.

मोदी सरकार का कहना है कि इस बात के सबूत नहीं हैं कि संजीव भट्ट इस बैठक में मौजूद थे.

मामला अभी न्यायालय में है.

आशंका

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार संजीव भट्ट की पत्नी ने कहा है, "संजीव के ख़िलाफ़ घाटलोदिया पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है और इसके बाद उन्हें क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है, जिसे एनकाउंटर विशेषज्ञ माना जाता है, मैं उन पर भरोसा नहीं कर सकती. मुझे उनकी जान की चिंता है."

श्वेता भट्ट ने कहा है, "कल (शुक्रवार को) 35-40 पुलिसकर्मियों ने बिना किसी सूचना के हमारे घर की दो घंटों से अधिक समय तलाशी लेते रहे. वे संजीव को अपने साथ ले गए और तब से उनसे हमारा कोई संपर्क नहीं है."

उनका कहना है कि इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने गुजरात के पुलिस महानिदेशक चित्तरंजन सिंह, अहमदाबाद के कमिश्नर सुधीर सिन्हा और स्थानीय अदालत के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी को पत्र लिखा है और न्याय की गुहार की है.

उनको लगता है कि उन्हें गुजरात में कभी भी न्याय नहीं मिल सकता.

फिर तलाशी की कोशिश

गुजरात पुलिस ने शनिवार को दूसरी बार आईपीएस अधिकारी संजीव भट्ट के घर की तलाशी लेने का प्रयास किया.

लेकिन पुलिस को ख़ाली हाथ वापस लौटना पड़ा जब उनकी पत्नी श्वेता भट्ट ने पुलिस अधिकारियों से तलाशी के वारंट के बारे में पूछा.

श्वेता भट्ट ने पीटीआई को बताया, "आज (शनिवार को) क़रीब 30-35 पुलिस अधिकारी फिर से हमारे घर की तलाशी लेने आए थे. लेकिन मैंने उनका विरोध किया और कहा कि वे नया तलाशी वारंट दिखाएं लेकिन उन्होंने जो दिखाया वो शुक्रवार का ही तलाशी वारंट था."

उनका कहना था, "मैंने उनसे कहा कि शुक्रवार के तलाशी वारंट से दो बार तलाशी लेना हमें परेशान करना है. एक ही वारंट के आधार पर वे हमारे घर की दो बार तलाशी नहीं ले सकते."

श्वेता का कहना है कि इसके बाद पुलिस वाले वापस लौट गए.

उल्लेखनीय है कि पुलिस ने शुक्रवार को भी दो घंटों तक उनके घर की तलाशी ली थी.

संबंधित समाचार