बीजेपी सांसद पर मुक़दमे को मंज़ूरी

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Image caption बी़जेपी सांसद के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी पार्टी के लिए एक नई मुश्किल है.

लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने दिल्ली पुलिस को भारतीय जनता पार्टी सांसद अशोक अर्गल के ख़िलाफ़ नोट के बदले वोट मामले में मुक़दमा चलाने की मंज़ूरी दे दी है.

इस मामले में बीजेपी के कई नेता और दूसरे लोग पहले से ही जेल में हैं और उनपर आपराधिक साज़िश और भ्रष्टाचार नियंत्रण क़ानून के तहत मामले दायर हैं.

समाचार एजेंसी पीटीआई ने संसद के सुत्रों के हवाले से कहा है कि लोकसभा अध्यक्ष की ये मंज़ूरी दिल्ली पुलिस के उस निवेदन पर दी गई है जिसमें उसने भिंड के बीजेपी सांसद के ख़िलाफ़ जुलाई 2008 के नोट के बदले वोट कांड में कार्रवाई करने की इजाज़त मांगी गई थी.

गिरफ़्तारियां

पूर्व बीजेपी सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर भगोरा, पार्टी के पूर्व अध्यक्ष लाल कृष्ण आडवाणी के सहयोगी सुधींद्र कुलकर्णी पहले से ही इस मामले में जेल में हैं.

इसी मामले में कथित बिचौलिये की भूमिका निभानेवाले सुहैल हिंदुस्तानी और राज्यसभा सांसद अमर सिंह और उनके सहयोगी संजीव सक्सेना को भी जेल भेजा गया है.

बीजेपी सांसदो ने आरोप लगाया था कि अमर सिंह के कहने पर संजीव सक्सेना ने उन्हें अशोक अर्गल के निवास स्थान पर एक करोड़ रूपये पहुंचाए थे.

उनका आरोप था कि ये पैसे उन्हें मनमोहन सिंह सरकार के पक्ष में वोट डालने के लिए दिए गए थे.

मुक़दमा

एक संसदीय समीति की अनुसंशा पर साल 2009 में इस मामले में केस दर्ज किया गया था.

लोकसभा अध्यक्ष की मंज़ूरी ठीक उसी दिन आई है जब बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी ने पार्टी के दो पूर्व सांसदो की गिरफ़्तारी पर ये कहते हुए सवाल उठाया था कि सबको मालूम है कि सबको मालूम है कि इस कांड का फ़ायदा किसे हुआ था.

उनका इशारा केंद्र की कांग्रेस पार्टी और उसके सहयोगी दलों की सरकार की ओर था.

दो दिनों पहले कांग्रेस के प्रवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा था कि मामला बीजेपी और अमर सिंह के बीच का है.

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