चंद्रशेखर राव और पीएम की मुलाक़ात, कोई आश्वास नहीं

Image caption प्रधानमंत्री ने कहा है कि वो तेलंगाना मुद्दा पार्टी की कोर कमिटी के सामने रखेंगे.

तेलंगाना के मुद्दे पर आंदोलन कर रहे नेता चंद्रशेखर राव ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाक़ात के बाद कहा है कि उन्हें प्रधानमंत्री से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है.

राव की पार्टी के नेतृत्व में पिछले 21 दिनों से आंध्र प्रदेश के एक हिस्से में अलग तेलंगाना राज्य के लिए आंदोलन चल रहा है. इस मुद्दे पर लगभग सभी राजनीतिक दल एक जुट हैं लेकिन मामले का कोई समाधान नहीं निकल पाया है.

राव ने दिल्ली में बीजेपी नेता सुषमा स्वराज से भी मुलाक़ात की है.

इन मुलाक़ातों के बाद संवाददाताओं से बातचीत में राव का कहना था कि वो एक स्पष्ट समय सीमा चाहते थे लेकिन प्रधानमंत्री से ऐसा कोई आश्वासन नहीं मिला है.

इससे पहले प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा था कि वो तेलंगाना मामले में अलग राज्य की मांग को समझते हैं और इस मुद्दे को सुलझाने की दिशा में हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं.

प्रधानमंत्री ने तेलंगाना के कांग्रेस नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाक़ात के बाद ये बात कही थी. उनका कहना था कि वो इस बारे में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से बात करेंगे और प्रतिनिधिमंडल की सभी मांगें कांग्रेस की कोर कमिटी और पार्टी अध्यक्ष के सामने रखेंगे.

उधर तेलंगाना मामलों के प्रभारी गुलाम नबी आज़ाद ने कहा है कि इस मामले में किसी समाधान पर पहुंचने से पहले अभी और बातचीत की ज़रुरत है.

तेलंगाना में पिछले 22 दिनों से हड़ताल जारी है. पार्टी के वरिष्ठ नेता जे गीता रेड्डी और के जना रेड्डी ने भी प्रधानमंत्री से कहा कि इस मामले में जल्द से जल्द हस्तक्षेप करने की ज़रुरत है.

उनका कहना था कि तेलंगाना में लोग बेहद नाराज़ हैं और वो आने वाले दिनों में अपने त्योहार भी नहीं मनाना चाहते हैं.

इस प्रतिनिधिमंडल में कई मंत्री, सांसद, पार्षद थे जो चाहते थे कि प्रधानमंत्री नए राज्य के गठन के मामले में किसी समय सीमा का आश्वासन दें.

प्रधानमंत्री आवास से बाहर आने के बाद जे गीता रेड्डी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘ हमने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के बारे में प्रधानमंत्री को पूरी जानकारी दी. उन्हें तेलंगाना के मुद्दे की जानकारी है. हमने उन्हें पिछले दिनों से चली आ रही हड़ताल के बारे में बताया कि कैसे समाज का हर तबका इसका समर्थन कर रहा है.’’

गीता रेड्डी के अनुसार प्रधानमंत्री ने मुद्दे को समझा और कहा कि इस मुद्दे को सुलझाने की ज़रुरत है और वो इस दिशा में हरसंभव कदम उठाएंगे.

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