इस्तीफ़े की मांग 'राजनीतिक स्टंट'

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Image caption पीडीपी मुख्यमंत्री के इस्तीफ़े की मांग कर रही है.

भारत प्रशासित राज्य जम्मू-कश्मीर में सत्तारूढ़ पार्टी नेशनल कांफ़्रेस के एक कार्यकर्ता की मौत पर विपक्ष के हमलों को पार्टी प्रमुख फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने राजनीतिक स्टंट बताया है.

सैयद मोहम्मद युसूफ़ नाम के एक नेशनल कांफ़्रेंस कार्यकर्ता की मौत कथित तौर पर पुलिस की हिरासत में हो गई थी. उसके बाद राज्य सरकार ने एक न्यायिक जांच के आदेश दे दिए थे.

राज्य में विपक्ष इतने भर से ख़ुश नहीं है और वो मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफ़े की मांग कर रहा है.

श्रीनगर में पार्टी विधायकों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने कहा, “उमर का इस मामले से कोई लेना-देना नहीं है. जो भी हुआ है उसका सच न्यायिक जांच के बाद सामने आएगा. हम कुछ नहीं छिपा रहे. इसके अलावा आप मुझसे क्या कहलवाना चाहते हैं? सच सामने आएगा. ”

उन्होंने कहा कि राज्य की प्रमुख विपक्षी पार्टी पीडीपी की मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के इस्तीफ़े की मांग एक राजनीतिक स्टंट है.

फ़ारुक़ अब्दुल्ला ने कहा कि विपक्ष का मुख्य लक्ष्य नेशनल कांफ़्रेंस की सरकार को हटाना है.

सुरक्षा की गुहार

उधर इस मामले में ख़ुद को चश्मदीद बताने वाले और स्वयं को नेशनल कांफ़्रेंस का कार्यकर्ता कहने वाले अब्दुल सलाम रेशी ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार की है.

बीबीसी से बातचीत में रेशी ने राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फ़ारुक़ अब्दुल्ला जोकि केंद्रीय मंत्री भी हैं, पर कई संगीन आरोप लगाए.

हमने इस बारे उमर अब्दुल्ला से बात करने की कोशिश की लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो पाया.

कहा जा रहा है कि सैयद मोहम्मद युसूफ़ ने नेशनल कांफ़्रेस के दो कार्यकर्ताओं अब्दुल युसूफ भट्ट और अब्दुल सलाम रेशी ने लाखों रुपए लिए थे और उन्हें मंत्री बनवाने का वादा किया था.