तेलंगाना समर्थकों ने रावण नहीं, कांग्रेस के पुतले जलाए

  • 6 अक्तूबर 2011
तेलंगाना क्षेत्र (फ़ाइल फ़ोटो) इमेज कॉपीरइट BBC World Service
Image caption तेलंगाना क्षेत्र में सरकारी बस सेवा बंद है और रविवार से रेल सेवा ठप्प करने का आहवान किया गया है

आंध्र प्रदेश के तेलंगाना क्षेत्र में दशहरा का त्योहार अलग राज्य की मांग पर चल रहे आंदोलन और बिजली के गहराते संकट के साए में मनाया गया.

तेलंगना के समर्थकों ने रावण की जगह कांग्रेस पार्टी के नेताओं और राज्य में कांग्रेस की सरकार के पुतले जलाए.

आदिलाबाद और निज़ामाबाद से लेकर नलगोंडा और खम्मम ज़िलों तक हर जगह तेलंगाना समर्थकों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी, प्रधान मंत्री मनमोहन सिंह, मुख्यामंत्री किरण कुमार रेड्डी सहित बड़े नेताओं के पुतले और कट-आउट जलाए. पिछले दो-तीन दिन में प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी की ओर से दिए गए इन बयानों ने इन तेलंगाना समर्थकों को और भी क्रोधित किया है कि तेलंगाना की समस्या का हल तुरंत नहीं निकाला जा सकता क्योंकि इस पर राजनैतिक सर्वसम्मति बनाने के लिए और चर्चा की ज़रूरत है.

तेलंगाना समर्थक मानते हैं कि केंद्र सरकार टाल-मटोल की नीति अपना रही है.

बिजली संकट गहराया, किसान परेशान

पिछले 24 दिन से चल रही हड़ताल के कारण बिजली का संकट गहरा गया है. कोयला न मिलने के कारण वारंगल में 500 मेगावॉट का काकतीय थर्मल पॉवर प्लांट बंद हो गया है.

बिजली न मिलने से फसलें सूख रही हैं. सरकार ने कहा है कि वह किसानों को कम से कम छह घंटे तक बिजली देने की कोशिश कर रही है लेकिन किसानों का कहना है की उन्हें एक घंटा भी ठीक से बिजली नहीं मिल रही है.

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Image caption बिजली के संकट के कारण किसानों की भी परेशानियाँ बढ़ी हैं.

कुछ क्रोधित किसानों ने तो वारंगल ज़िले में धान की फ़सल को आग लगा दी है.

रविवार से रेल रोको

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने आगामी रविवार से तीन दिन रेल रोको का आहवान किया है. प्रोफ़ेसर कोदंडा राम ने तेलंगाना के लाखों लोगों से कहा है, "रेल की पटरियों पर बैठ जाएं और एक भी रेलगाड़ी को न चलने दें."

पिछले महीने भी 40 घंटे से ज़्यादा का रेल रोको कार्यक्रम हुआ था और रेल सेवाएँ ठप्प हो गई थीं. लेकिन इस बार सरकार रेल सेवाएँ चलाना चाहती है. इसके लिए बड़े पैमाने पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है. आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच टकराव हो सकता है. तेलंगाना के बिगड़ते हुए हालात पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार ने राज्यपाल इएसएल नरसिम्हन को शुक्रवार को दिल्ली बुलाया है. वो शनिवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गाँधी से मिलेंगे और उन्हें हालात की रिपोर्ट देंगे. राज्य में ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि यदि हालात और भी बिगड़े तो केंद्र सरकार आंध्र प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागू कर सकती है. हालाँकि सरकार की ओर से किसी अभी ऐसी बात नहीं कही है.

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