गोवा खनन मामला: पीएसी अध्यक्ष मनोहर परिकर हटाए गए

  • 8 अक्तूबर 2011
Image caption गोवा में अवैध ख़नन के ज़रिए करोड़ो रुपये का घोटाला होने की आशंका जताई जा रही है.

गोवा में विधानसभा अध्यक्ष प्रतापसिंह राणे ने शुक्रवार की देर शाम लोक लेखा समिति के अध्यक्ष मनोहर परिकर को उनके पद से हटा दिया है और उनकी जगह भाजपा विधायक विजय पई खोट को अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है.

मनोहर परिकर करोड़ों रुपये के अवैध खनन घोटाले की रिपोर्ट सदन के पटल पर न रखे जाने से नाराज़ थे.

परिकर ने विधानसभा अध्यक्ष प्रतापसिंह राणे पर कांग्रेस से मिलीभगत और अवैध खनन घोटाले में संलिप्त व्यक्ति को बचाने का आरोप लगाया.

रिपोर्ट में अवैध खनन के लिए मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत पर कथित तौर अंगुली उठाई गई है.

परिकर का कहना था कि जब उन्होंने बुधवार को ही रिपोर्ट सौंप दी थी तो इसे सदन पटल पर रखे जाने से रोकना विधानसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता.

समिति की रिपोर्ट को नहीं रखे जाने से नाराज़ विपक्ष ने सदन से बहिर्गमन किया.

रिपोर्ट को सदन में पेश करने से इंकार करते हुए राणे ने कहा, "रिपोर्ट की बारीकी से जांच करना मेरी जिम्मेदारी है. यदि यह नियमों के अनुरूप नहीं होगी तो इस तरह की रिपोर्ट पेश नहीं की जा सकती. मुझे इस रिपोर्ट को पढ़ना पड़ेगा."

राणे का कहना था कि पीएसी के सात सदस्यों में से सत्तारूढ़ कांग्रेस-राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी गठबंधन के चार सदस्यों ने रिपोर्ट पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं.

इन चार विधायकों ने मंगलवार को ये कहकर रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था कि उन्हें पहले इसको पढ़ना होगा.

इस बीच, भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में हजारों करोड़ रुपये के अवैध खनन घोटाले का लाभ पाने वालों में मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत सहित कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता शामिल हैं.

करोड़ों का घोटाला

गोवा खनिज अयस्क निर्यात संघ के अनुसार पिछले वर्ष लौह अयस्क का निर्यात 5.5 करो़ड टन की ऊंचाई तक पहुंच गया था यानी एक दशक में निर्यात तीन गुना बढ़ गया.

वर्ष 2008 में बीजिंग ओलिंपिक से पूर्व लौह अयस्क की तेजी से बढ़ी मांग के बीच यहां अवैध खनन जोर-शोर से हुआ था.

गोवा में अवैध खनन के ज़रिए करोड़ों रुपए का घोटाला होने की आशंका जताई जा रही है.

ग़ौरतलब है कि सुप्रीमकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस एमबी शाह के नेतृत्व में गठित नौ सदस्यीय आयोग गोवा में अवैध खनन की जांच कर रहा है

शाह ने उन खनन स्थलों का दौरा भी किया हैं जो अवैध खनन के कारण विवादास्पद रहे हैं.

उम्मीद है कि जाँच पूरी होने के 45 दिन के भीतर आयोग अपनी रिपोर्ट सौंप देगा.

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