लोकपाल विधेयक शीतकालीन सत्र में ही: ख़ुर्शीद

  • 8 अक्तूबर 2011
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Image caption सलमान ख़ुर्शीद ने कहा है कि सरकार एक व्यापक लोकपाल विधेयक पेश करेगी

अन्ना हज़ारे की ओर से कांग्रेस के ख़िलाफ़ प्रचार की चुनौती के बीच केंद्रीय मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने कहा है कि सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में लोकपाल विधेयक पेश करने के लिए प्रतिबद्ध है.

उन्होंने कहा है कि टीम अन्ना से जिन तीन मुद्दों पर सहमति बनी थी उसके अनुरूप ही सरकार विधेयक पेश करेगी.

नागपुर में 'प्रेस से मिलिए' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि अन्ना हज़ारे की निर्वाचित प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का प्रावधान करने की मांग अव्यवहारिक है.

साथ ही उन्होंने मांग की है कि अन्ना हज़ारे को आरएसएस के इस दावे पर सफ़ाई देने की मांग की है कि उनके भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में आरएसएस का सहयोग था.

आश्वासन

अन्ना हज़ारे की टीम कांग्रेस को हराने की अपील कर रही है क्योंकि वह लोकपाल विधेयक पेश करने में विफल रही है. अन्ना हज़ारे की ओर से कांग्रेस को हराने की एक सीडी वहाँ बाँटी गई है और टीम के सदस्य हरियाणा के हिसार में बाक़ायदा कांग्रेस के ख़िलाफ़ प्रचार भी कर रहे हैं.

हालांकि केंद्रीय केंद्रीय क़ानून मंत्री सलमान ख़ुर्शीद ने इस बात की जानकारी होने से इनकार कर दिया कि अन्ना हज़ारे की कोई सीडी बाँटी जा रही है.

लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया है कि सरकार शीतकालीन सत्र में विधेयक ज़रुर पेश करेगी.

उन्होंने कहा, "हम संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान लोकपाल विधेयक पेश करने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जैसी कि तीन अहम मुद्दों पर टीम अन्ना के साथ हमारी सहमति बनी थी, एक सिटीज़न्स चार्टर, दूसरा निचले स्तर की नौकरशाही को लोकपाल के दायरे में लाना और तीसरा लोकपाल की तरह ही राज्यों में लोकायुक्तों की नियुक्ति."

उन्होंने कहा कि सरकार एक व्यापक विधेयक संसद में लाना चाहती है जिसके दायरे में सरकारी सहायता ले रहे स्वयंसेवी संगठन हों और सरकारी-निजी भागीदारी वाली परियोजनाएँ भी.

उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में सरकार चुनाव सुधार और सरकारी ख़रीदी के क्षेत्र में महत्वपू्र्ण क़दम उठाने जा रही है.

लेकिन उन्होंने अन्ना हज़ारे की इस मांग को अव्यहारिक बताया कि जनता को चुने हुए प्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार होना चाहिए.

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