गुजरात लोकायुक्त पर जजों की राय अलग-अलग

  • 10 अक्तूबर 2011
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Image caption नरेंद्र मोदी ने इस बारे में प्रधानमंत्री को भी पत्र लिखा था

गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर जजों की राय अलग-अलग है.

गुजरात हाई कोर्ट की जिस खंडपीठ में यह याचिका विचाराधीन थी, उसके एक जज जस्टिस अक़ील क़ुरैशी ने कहा है कि लोकायुक्त की नियुक्ति का राज्यपाल का फ़ैसला सही है.

लेकिन खंडपीठ की दूसरी जज सोनिया गोकानी ने इससे असहमति जताई है.

अभी इस मामले पर चर्चा चल रही है और माना जा रहा है इसे बड़ी खंडपीठ को सौंपा जा सकता है.

अपील

पिछले दिनों गुजरात की राज्यपाल की ओर से लोकायुक्त की नियुक्ति का नरेंद्र मोदी की सरकार ने कड़ा विरोध किया था और हाई कोर्ट में अपील की थी.

गुजरात की राज्यपाल कमला बेनीवाल ने जस्टिस आरए मेहता को लोकायुक्त नियुक्त किया था.

लेकिन मोदी सरकार का तर्क है कि राज्यपाल ने सरकार से सलाह-मशविरा के बिना लोकायुक्त की नियुक्ति की है.

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बारे में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र भी लिखा था और संसद के मॉनसून सत्र में भी भाजपा ने ये मामला ज़ोर-शोर से उठाया था.

वर्ष 2003 से गुजरात में लोकायुक्त का पद ख़ाली थी.

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