हड़ताली आरटीसी कर्मचारियों में फूट

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Image caption तेलंगाना के समर्थक में हड़ताल को 28 दिन हो गए हैं

आंध्र प्रदेश में पिछले 28 दिनों से तेलंगाना राज्य के समर्थन में जारी आम हड़ताल को उस समय एक धक्का लगा, जब रोड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन के हड़ताली कर्मचारियों की यूनियन में फूट पड़ गई.

जहाँ नेशनल मज़दूर यूनियन के नेताओं नागेश्वर राव और महमूद अली ने परिवहन मंत्री सत्यनारायण से बातचीत के बाद हड़ताल की समाप्ति की घोषणा की, वहीं कर्मचारियों के दूसरे संगठनों ने जिनमें उनकी संयुक्त संघर्ष समिति भी शामिल है, इन दोनों नेताओं के बहिष्कार की घोषणा की.

इन संगठनों का कहना है कि हड़ताल उस समय तक जारी रहेगी, जब तक केंद्र सरकार तेलंगाना राज्य की स्थापना का फ़ैसला नहीं करती.

नागेश्वर राव और महमूद अली का कहना था कि अब तक की हड़ताल में आरटीसी को 150 करोड़ रूपए का नुक़सान हो चुका है और अगर जल्द हड़ताल ख़त्म नहीं हुई, तो कॉरपोरेशन का दीवालिया निकल जाएगा.

लेकिन दूसरी यूनियनों का आरोप था कि ये नेता सरकार के हाथों बिक गए हैं. आरटीसी कर्मचारियों के तेलंगाना फ़ोरम के नेता अश्वद्धामा रेड्डी का कहना था की इन नेताओं का संबंध आंध्र से है और उन्हें हड़ताल की समाप्ति की घोषणा का कोई अधिकार नहीं है.

सवाल

तेलगाना संयुक्त संघर्ष समिति के संयोजक प्रोफ़ेसर कोदंडा राम ने कहा कि हड़ताल जारी रहेगी और इसे वापस लेने का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता.

उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों को इस हड़ताल से बहार रखने की अपील को रद्द कर दिया और कहा कि इस लड़ाई में हर किसी को शामिल रहना चाहिए. तेलंगाना राष्ट्र समिति के अध्यक्ष के चंद्रशेखर राव ने कहा कि सरकार हड़ताल को नाकाम बनाने की साज़िश कर रही है और इसे पूरा होने नहीं दिया जाएगा. उन्होंने कहा की ज़रुरत पड़ने पर तेलंगाना के आरटीसी कर्मचारियों का एक अलग संगठन बनाकर लड़ाई की जाएगी. तेलंगाना के नेताओं ने घोषणा की कि मंगलवार को हैदराबाद में हड़ताली कर्मचारियों का एक महाधरना होगा और उसी के साथ इस आंदोलन को और भी तेज़ किया जाएगा.

दूसरी और जहाँ सरकारी कर्मचारियों और अध्यापकों की हड़ताल को 28 दिन पूरे हो गए, वहीं सरकार ने भी अपना रुख़ अब कड़ा करना शुरू कर दिया है.

मुख्यमंत्री किरण कुमार रेड्डी ने हड़ताली कर्मचारियों और अध्यापकों से काम पर लौटने का अनुरोध किया और कहा कि उन्हें इस बात का ख़्याल करना चाहिए कि इस हड़ताल से आम लोगों और विशेषकर छात्रों को कितना कष्ट उठाना पड़ा है.

कार्रवाई

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Image caption सड़क परिवहन निगम के कर्मचारियों में फूट पड़ गई है

किरण कुमार रेड्डी ने चेतावनी दी कि निजी स्कूलों को बंद करने पर मजबूर करने वाले और हिंसा करने वालों को सरकार बिलकुल बर्दाश्त नहीं करेगी और उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी.

इसी के साथ-साथ सरकार 12 अक्तूबर से शुरू होने वाले तीन दिन के रेल रोको आंदोलन से निपटने की तैयारी भी कर रही है. इसके लिए अर्ध सैनिक बलों की अतिरिक्त टुकड़ियों को लाया जा रहा है.

राज्य और रेलवे पुलिस के अधिकारीयों ने कहा कि रेलवे की संपत्ति और यात्रियों को पूरी सुरक्षा प्रदान की जाएगी.रेलवे पुलीस के ईजीएसके कुमुदि ने कहा कि रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुँचाने और उस पर लोगों को भड़काने वालों के विरुद्ध सख़्त कार्रवाई की जाएगी और उनके विरुद्ध रेलवे ऐक्ट के अंतर्गत मामले दर्ज किए जाएँगे.इधर दिल्ली में कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व तेलंगाना की जटिल समस्या के समाधान की राहें खोजता रहा.

कांग्रेस के प्रभारी गुलाम नबी आज़ाद ने आंध्र कांग्रेस के नेताओं चिरंजीवी और रेणुका चौधरी से बात की और उनके सुझाव भी सुने. कांग्रेस की कोर कमिटी की बैठक में इस विषय पर विचार होने वाला है. लेकिन फ़ैसले की उम्मीद कम है. आज़ाद ने कहा है कि अभी और भी चर्चा की आवश्यकता है.

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