हज़ारे ने हिसार चुनाव को रोचक बनाया

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Image caption कुलदीप बिश्नोई को भाजपा का समर्थन हासिल है

कांग्रेस शासित हरियाणा में होने वाला हिसार लोकसभा उपचुनाव बेहद रोचक हो गया है. कारण है अन्ना हज़ारे की लोगों से कांग्रेस को वोट नहीं देने की अपील.

टीम अन्ना का कहना है कि सार्वजनिक तौर पर पार्टी ने जनलोकपाल बिल का समर्थन नहीं किया है, जबकि बाक़ी पार्टियों ने इस बावत समर्थन की चिट्ठी अन्ना को भेज दी है.

इस उपचुनाव के लिए 13 अक्तूबर को होने वाले मतदान के लिए 11 अक्तूबर प्रचार का आख़िरी दिन था. हिसार के इन चुनाव में कांग्रेस ने अपनी पूरी ताक़त झोंक दी है.

मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा सहित कई बड़े नेता जगह जगह रैलियाँ कर रहे हैं, मुख्यमंत्री बात कर रहे हैं विकास की, आम आदमी की, औऱ फिर वो लोगों को पार्टी उम्मीदवार जयप्रकाश को वोट देने के लिए कह रहे हैं.

एक रैली में मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा, “मैं तुम्हारे गाँव में पहली बार वोट माँगने आय़ा हूँ. मैं तुम्हारा आभारी रहूँगा. तुम हमारी बात रखो, मैं तुम्हारी बात रखूँगा.”

अन्ना हज़ारे की इस अपील का कि लोग कांग्रेस को वोट नहीं दें, इसका चुनाव पर कितना असर पड़ेगा, इस पर बीबीसी से बातचीत में हुड्डा ने कहा कि अन्ना हज़ारे और उनकी टीम में संवादहीनता है.

उपलब्धि

दूसरी ओर पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल के पुत्र औऱ भाजपा समर्थित हरियाणा जनहित कांग्रेस के कुलदीप बिश्नोई लोगों को अन्ना हज़ारे की अपील के बारे में बताकर ख़ुद को भ्रष्टाचार मुक्त बता रहे हैं

लेकिन वो उसी भाजपा के साथ भी गठबंधन भी कर रहे हैं जिसके मुख्यमंत्री पर हाल ही में कर्नाटक में भ्रष्टाचार के गहरे आरोप लगे थे, इस पर कुलदीप बिश्नोई ने बीबीसी से कहा, “भाजपा ईमानदार और बुद्धिजीवियों की पार्टी है. कर्नाटक में आरोप लगने के बाद उन्होंने तुरंत मुख्यमंत्री को बदला. ये एक बहुत बड़ी उपलब्धि है.”

उधर कांग्रेस ये भी पूछ रही है कि कुलदीप बिश्नोई के पास इतना धन और जायदाद कहाँ से आया. इस पर बिश्नोई कहते हैं, “मेरा अपना व्यापार है. मैं राजनीति में किसी भी पद पर नहीं रहा. मेरे ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने वाले ये बताएं कि मेरे ख़िलाफ़ किस थाने में केस चल रहा है.”

माना जा रहा है कि कुलदीप बिश्नोई, जय प्रकाश और पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला के पुत्र अजय चौटाला के बीच की ये चुनावी लड़ाई के परिणाम उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर जैसे प्रदेशों में जल्द ही होने वाले प्रादेशिक चुनावों पर भी असर डाल सकते हैं.

गणित

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Image caption जानकारों का मानना है कि जातिगत आधार पर भी वोटिंग होगी

एक आंकड़े के मुताबिक़ क़रीब 14 लाख की जनसंख्या वाले इस ज़िले में चार लाख जाट हैं.

जहाँ जयप्रकाश और अजय चौटाला की कोशिश जाट वोटों को अपनी तरफ़ खींचने की होगी, कुलदीप बिश्नोई ग़ैर-जाट वोटों को संगठित करने की कोशिश करेंगे. लेकिन सवाल ये है कि हिसार में, जहाँ चुनावी राजनीति में लोग जाति के आधार पर वोट देते रहे हैं, वहाँ अन्ना हज़ारे की अपील की कितनी भूमिका होगी.

जहाँ कुछ लोगों का कहना था कि अन्ना हज़ारे की बात का लोगों पर असर पड़ेगा, कुछ लोगों ने कहा कि लोग पहले भी जाति के आधार पर वोट देते थे, और आगे भी यही करेंगे.

उधर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के स्थानीय समन्वयक राजेश जाखड़ कहते हैं कि वो अन्ना की बात लोगों तक पहुँचा रहे हैं, और अगर कांग्रेस यहाँ से जीत भी जाती है, तब भी पार्टी पर दबाव पड़ेगा.

यानी इन सभी कारणों से पूछा जा रहा है कि कांग्रेस-शासित प्रदेश के इस ज़िले हिसार को जीतकर क्या कांग्रेस अपनी साख बचा पाएगी.

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