'माओवादी महिला पुलिस हिरासत में घायल'

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Image caption माओवादियों पर पैसा वसूली के आरोप बराबर लगते रहे हैं.

दिल्ली से गिरफ़्तार की गई कथित नक्सलवादी महिला सोनी सोरी का इलाज जगदलपुर के अस्पताल में जारी है.

सोनी सोरी को पहले दंतेवाड़ा ज़िला अस्पताल में भर्ती करवाया गया था जहां के मुख्य चिकित्सा अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि उन्हें सोमवार सुबह बेहाशी की अवस्था में अस्पताल ले जाया गया था.

छत्तीस-वर्षीय आदिवासी, जिन्हें कुछ जगहों पर शिक्षक बताया जा रहा है, का इलाज करनेवाले आरएन गणेश का कहना है कि उनके सर और रीढ़ में चोट हैं.

बाद में सोनी सोरी को जगदलपुर के अस्पताल भेज दिया गया.

कई ओर से आरोप लग रहे हैं कि एक लौह अयस्क कंपनी एस्सार और माओवादियों के बीच बिचौलियों का काम करने के आरोप में गिरफ़्तार की गई महिला का पुलिस रिमांड में टार्चर किया गया है.

यातना

हालांकि दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक अंकित गर्ग ने इस बात से इंकार किया गया है कि पुलिस ने उनको किसी तरह की यातना दी थी.

अंकित गर्ग का कहना है कि वो बाथरूम में फिसल गई थीं जिससे उन्हें चोटे आई होंगी.

सोरी को सोमवार को अदालत में पेशी के लिए ले जाया गया था लेकिन ख़बरों के मुताबिक़ उनकी हालत इतनी ख़राब थी कि वो अदालत के कमरे तक नहीं जा पाईं.

न्यायधीश योगिता वासनिक ने आदिवासी महिला को 17 अक्तुबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

मानवधिकार कार्यकर्ता और पहले आदिवासियों के साथ दंतेवाड़ा में काम कर चुके हिमांशु कुमार का कहना है कि पुलिस निर्दोष आदिवासियों को झूठे मुक़दमों में फंसा रही है.

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