मॉनसून पर निगरानी रखेगा मेघा ट्रॉपिक्स

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Image caption मेघा ट्रॉपिकस मानसून पर नज़र रखेगा.

श्रीहरिकोटा से मॉनसून पर निगरानी रखने वाले इंड़ो-फ्रेंच सेटेलाइट को पीएसएलवी- सी18 के ज़रिए अंतरिक्ष में भेजा गया है.

ये प्रक्षेपण बुधवार सुबह ग्यारह बजे श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्पेस सेंटर से किया गया.

अंतरिक्ष में भेजी गए चार सैटेलाइटों में मॉनसून पर निगरानी रखने वाले सेटेलाइट मेघा ट्रॉपिक्स के अलावा तीन अन्य सैटेलाइट भी शामिल हैं.

मेघा ट्रॉपिक्स का वज़न 1000 किलोग्राम है और बाक़ी तीन छोटे सैटेलाइट का कुल वज़न 42.6 किलोग्राम है.

सफलता

इसरो के चेयरमैन के राधाकृष्णन ने इसे एक बड़ी सफलता बताया है.

राधाकृष्णन का कहना था,"पीएसएलवी-सी 18 का सफल प्रक्षेपण हो चुका है.चार सैटेलाइट को एक गोलाकार कक्षा में डाला गया और जो हमारी योजना थी और जो हम हासिल करना चाहते थे उसके बीच की दूरी केवल दो किलोमीटर की थी."

उनका कहना था मेघा ट्रॉपिक्स भारत और फ्रांस का संयुक्त अभियान है और 10.6 किलोग्राम की एसआरएमसेट को चैन्नई के नज़दीक एक यूनिवर्सिटी एसआरएम के छात्रों ने बनाया है, तीन किलोग्राम की रिमोट सेंसिग सैटेलाइट जुगनू को भारतीय तकनीकी संस्थान, कानपुर और 28.7 किलोग्राम वैसलसेट को लॉग्सबर्ग ने बनाया है. इसका मकसद समुद्र में जहाज़ों के स्थानों का पता लगाना है.

ये सैटेलाइट पृथ्वी की कक्षा से 800 किलोमीटर की दूरी पर नज़र रखेगा. उम्मीद की जा रही है कि इससे भारत के मॉनसून विभाग को मानसून के बारे में सटीक जानकारी मिलने में मदद मिलेगी.

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