पुल गिरा, अब आरोप प्रत्यारोप

  • 14 अक्तूबर 2011
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Image caption राहुल गांधी के उत्तर प्रदेश दौरे के बाद पहले भी मायावती सरकार ने सुरक्षा से जुड़े आरोप लगाए हैं

बांदा ज़िले में एक निर्माणाधीन पुल कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के कुछ देर ही बाद ढह गया.

इसे लेकर अब मायावती सरकार ने कहा है कि उनकी सरकार को बदनाम करने के लिए जानबूझ कर पुल को गिराने की साज़िश की गई

सरकार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी और विधायक विवेक सिंह के ख़िलाफ़ आपराधिक कार्रवाई की धमकी भी दी है.

दूसरी ओर विधायक विवेक सिंह ने कहा है कि मायावती को बेबुनियाद आरोप लगाने की जगह मंत्री के भ्रष्टाचार को ख़त्म करने की ओर ध्यान देना चाहिए.

आरोप

राहुल गांधी बुंदेलखंड में जनसंपर्क के दौरान बुधवार को बांदा में थे.

उन्होंने रास्ते में केन नदी के क़रीब करिया नाले में एक निर्माणाधीन पुल देखा तो वहाँ कुछ देर रुके और मज़दूरों से पुल की मज़बूती और उनकी मज़दूरी पर बात की.

राहुल गांधी के निरीक्षण के आधे घंटे बाद ही पुल का स्लैब भरभराकर नाले में गिर पड़ा. गनीमत थी कि राहुल गांधी जा चुके थे और उनके जाने के बाद मज़दुर भी खाना खाने चले गए थे.

शुक्रवार को सुबह के अखबारों में यह ख़बर छपते ही मायावती सरकार ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके कहा है कि करिया नाले पर पुल बनाने के लिए शटरिंग का काम चल रहा था. इस बीच 12-13 अक्तूबर की रात कुछ अराजक तत्वों ने पुल के नीचे सपोर्ट को निकालने का प्रयास किया गया, जिससे शटरिंग डिस्टर्ब हो गई.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि लोक निर्माण विभाग ने अराजक तत्वों के इस कृत्य के ख़िलाफ़ बांदा में एफ़आईआर दर्ज करा दी है.

विज्ञप्ति में आगे कहा गया है, “ऐसा प्रतीत होता है कि राज्य सरकार की छवि खराब करने के लिए जानबूझकर निर्माणाधीन पुल की शटरिंग को गिराने का प्रयास किया गया.”

विज्ञप्ति में आरोप लगाया गया है कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रीता जोशी और विधायक विवेक सिंह सोची समझी रणनीति के तहत षड्यंत्र रचकर राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए राहुल गांधी को पुल के ऊपर ले गए.

विज्ञप्ति में कहा गया है कि इन कांग्रेस नेताओं ने राहुल गांधी की सुरक्षा का भी ख्याल नहीं रखा.

विज्ञप्ति में चेतावनी दी गयी है कि पुलिस की जांच पड़ताल के बाद रीता जोशी और विवेक सिंह के ख़िलाफ़ सरकारी कार्य में व्यवधान डालने के आरोप में नियमानुसार सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

'भ्रष्टाचार'

विधायक विवेक सिंह ने प्रतिक्रिया में कहा कि मायावती सरकार को इस तरह के बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय अपने लोक निर्माण मंत्री नसीमुद्दीन सिद्दीकी की धांधली के ख़िलाफ़ कार्रवाई करनी चाहिए.

विवेक सिंह का कहना है कि इससे पहले बांदा में मेडिकल कालेज की छत गिर गई.

चिल्ला में यमुना नदी पर बना पुल गिर गया और सड़कों पर जगह-जगह गड्ढे हैं क्योंकि विभाग में ज़बरदस्त भ्रष्टाचार है.

विवेक सिंह का कहना है कि लोक निर्माण मंत्री सड़क के बजाय हेलिकॉप्टर से चलते हैं इसलिए उन्हें यह सब दिखाई नहीं देता.

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