प्रशांत के बयान से किनारा किया अन्ना ने

अन्ना हज़ारे
Image caption प्रशांत भूषण पर हुए हमले के बाद से अन्ना हज़ारे की प्रतिक्रिया पर नज़रें लगी हुई थीं

अन्ना हज़ारे ने कश्मीर पर प्रशांत भूषण के बयान से अपने आपको अलग कर लिया है और कहा है कि वह प्रशांत भूषण के अपने व्यक्तिगत विचार हैं, टीम अन्ना के विचार नहीं हैं.

उन्होंने कहा कि उनके अपने विचार से कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इससे कोई समझौता नहीं हो सकता.

उन्होंने कहा है कि टीम अन्ना जन लोकपाल विधेयक पर काम करती रही है और इसी पर काम करती रहेगी.

अन्ना हज़ारे का कहना था कि जब तक विधेयक पारित नहीं हो जाता तब तक टीम अन्ना जन लोकपाल, भ्रष्टाचार, जनप्रतिनिधियों को वापस बुलाने का अधिकार और विकेंद्रीयकरण जैसे मुद्दों पर ही बात करेगी.

उल्लेखनीय है कि प्रशांत भूषण ने कहा था कि कश्मीर के मुद्दे पर संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में जनमत संग्रह करवाया जा सकता है.

बुधवार को प्रशांत भूषण के कार्यालय में तीन युवकों ने घुसकर उन पर हमला किया था. इनमें से एक युवक को तो वहीं गिरफ़्तार कर लिया गया था लेकिन दो अन्य लोग गुरुवार को गिरफ़्तार किए गए थे.

'कश्मीर भारत का अभिन्न अंग'

रालेगण सिद्धि में पत्रकारों से बात करते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा, "टीम अन्ना सिर्फ़ उतना ही काम करती रहेगी, जनलोकपाल, भ्रष्टाचार मु्क्त भारत, इसके अलावा दूसरा कुछ और काम नहीं करेंगे."

उनका कहना था कि टीम अन्ना पर लोगों का विश्वास है वो रहेगा, आगे तक रहेगा, जब तक ये क़ानून न बनता तब तक रहेगा.

कश्मीर में जनमत संग्रह पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस पर बहुत कुछ 'उलट-सुलट' कहा जा रहा है. उन्होंने कहा, "टीम अन्ना का लक्ष्य भ्रष्टाचार मुक्त भारत का निर्माण करना है. प्रशांत भूषण ने जो विचार रखे हैं वो उनके व्यक्तिगत विचार हैं टीम अन्ना के विचार नहीं हैं, टीम अन्ना उनके विचार से सहमत नहीं हैं."

कश्मीर के बारे में उन्होंने कहा, "मेरा व्यक्तिगत विचार है कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, मैं कश्मीर के कई ख़तरनाक इलाक़ों में कई बार जाकर घूम चुका हूँ और बिना सुरक्षा के घूम चुका हूँ."

उन्होंने कहा, "मैं मानता हूँ कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और इस पर किसी की नज़र हो ये मंज़ूर नहीं होगा....सिर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं..अगर कश्मीर का प्रश्न उठेगा तो उसके लिए हम बलिदान करने से भी नहीं हिचकेंगे...कश्मीर भारत का अंग है और रहेगा...इसके लिए कोई मतदान करवाए ये हमें बिल्कुल सहन नहीं."

हालांकि उन्होंने पत्रकारों के इस सवाल का जवाब नहीं दिया कि क्या प्रशांत भूषण आगे भी टीम अन्ना के सदस्य रहेंगे?

'संघ और कांग्रेस मिलकर बदनाम कर रहे हैं'

कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह के खुले पत्र का जवाब देते हुए अन्ना हज़ारे ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ और कांग्रेस पार्टी मिलकर उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं.

कांग्रेस नेता को महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि से लिखी आठ पन्नों की लंबी चिट्ठी में हज़ारे ने दावा किया है कि उनसे न ही किसी आरएसएस कार्यकर्ता ने भेंट की और न ही किसी ने आंदोलन में हिस्सा लिया था.

ख़त में कहा गया है, "आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के उनके संगठन के कार्यकर्ताओं के शामिल होने दावे को मैं मुझे बदनाम करने की कोशिश के तौर पर देखता हूं. ये उसी तरह से है जैसा कांग्रेस ने किया, या हो सकता है आप दोनों ने मिलकर ये साज़िश रची हो."

उल्लेखनीय है कि दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया था कि अन्ना हज़ारे का भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम दरअसल आरएसएस का प्रायोजित कार्यक्रम था यानी वो स्वत:स्फूर्त आंदोलन नहीं था जैसा कि अन्ना हज़ारे और उनकी टीम के सदस्य दावा कर रहे हैं.

दिग्विजय सिंह ने बाद में एक और ख़त अन्ना हज़ारे को भेजा था जिसमें उन्होंने आरएसएस और अन्ना हज़ारे की 'मिली-भगत' के सबूत के तौर पर संघ नेता सुरेश भैया की ओर से अन्ना को भेजे एक ख़त को संलग्न किया था.

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Image caption दिग्विजय सिंह आंदोलन शुरु होने के बाद से ही संघ से सांठगांठ के आरोप लगा रहे हैं

कांग्रेस के नेता अन्ना हज़ारे के आंदोलन पर शुरू से ये आरोप लगा रहे हैं. पार्टी के दूसरे नेताओं ने भी कई दफ़ा इन्हीं आरोपों को दुहराया है.

टीम अन्ना इस आरोप से इनकार करती रही है.

लेकिन आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने हाल में ही बयान दिया कि भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन में संघ के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया था. विश्व हिंदू परिषद पहले ही ये दावा कर चुकी थी.

मोहन भागवत के दावे के बाद झल्लाए हुए टीम अन्ना के सदस्य अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि मोहन भागवत को अगर लेना है तो गुजरात का श्रेय लेना चाहिए. लेकिन वो ऐसे कामों का श्रेय न लें जो उन्होंने नहीं किया है.

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