'दलित को प्रधानमंत्री बना सकती है कांग्रेस'

  • 14 अक्तूबर 2011
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Image caption इस स्मारक का निर्माण शुरुआत से ही विवादों में घिरा रहा.

उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने संभावना जताई है कि कांग्रेस उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव से पहले मीरा कुमार या सुशील कुमार शिंदे के रूप में किसी दलित को प्रधानमंत्री बना सकती है.

नोएडा में लगभग पौने सात सौ करोड़ रुपयों की लागत से बने राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल का उदघाटन करते हुए मायावती ने इस ख़र्च को सही ठहराया और कहा कि इससे पहले की किसी भी सरकार ने दलित नेताओं को उचित सम्मान नहीं दिया.

उन्होंने कहा, ''कांग्रेस भी अब मुझसे घबराती है. मुमकिन है कि वो अगले चुनावों में मीरा कुमार या सुशील कुमार शिंदे को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार बनाएं.''

प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती की ओर से शुरु की गई सबसे महत्वकांक्षी परियोजनाओं में से एक नोएडा का ये राष्ट्रीय दलित स्मारक भव्यता का नमूना है और दलित नेताओं और उनके इतिहास को समर्पित.

तोहफ़ा

उदघाटन के बाद दिए अपने भाषण में मायावती ने कहा कि ये पार्क दलित पहचान का हिस्सा है और आम लोगों को उनकी ओर से एक तोहफा भी.

मायावती ने कहा, ''उत्तरप्रदेश के इस हिस्से में रहने वाले लोगों के लिए राजधानी लखनऊ में बनाए गए भव्य अंबेडकर पार्क में जाना असुविधाजनक रहता था. इन लोगों की इस व्यस्तता और साथ ही इनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए हमारी सरकार ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश के नोएडा क्षेत्र में ये अति-भव्य राष्ट्रीय दलित प्रेरणा स्थल बनाने का फैसला किया.''

उदघाटन के इस मौक़े पर राजनीतिक प्रहार करते हुए मायावती ने अपने भाषण में केंद्र सरकार सहित सभी विरोधियों पर कई बार निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ''आज़ादी के बाद से आज तक केंद्र व राज्यों की सभी विरोधी पार्टियों की सरकारों ने अपने समाज के संतों, गुरुओं और महापुरुषों की तरह दलित वर्गों की महान हस्तियों के आदर सम्मान में आजतक कोई भव्य समाधी या स्मारक नहीं बनवाया. इन स्मारकों की कमी मुझे और मेरी सरकार को बेहद खल रही थी.''

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर केंद्रीय जाँच ब्यूरो के दुरुपयोग का भी आरोप लगाया और बताया कि जब भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्त्व वाली एनडीए सरकार में उन पर आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई की जाँच चल रही थी तो कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी ने उनसे वायदा किया था कि अगर उनकी पार्टी सत्ता में आई तो वह ये मुक़दमे आगे नहीं बढ़ाएँगी.

मायावती ने कहा कि कांग्रेस को सत्ता में आए लगभग आठ साल हो रहे हैं, लेकिन सीबीआई ने अभी तक उनके विरुद्ध मामले वापस नहीं लिए हैं.

ख़ासियत

आम लोगों को समर्पित 80 एकड़ में फैले इस पार्क का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है इसके केंद्र में स्थित दलित प्रेरणा स्थल जहां एक 39 मीटर ऊंचा स्तूप और चार छोटे स्तूप बनाए गए है.

माना जा रहा है कि पार्क की असली खूबसूरती रात के अंधेरे में नज़र आएगी जब इसके अंदर रंगबिरंगी रोशनियां जगमगाएंगी. इस पार्क में मौजूद भव्य मूर्तियों का निर्माण भारत के प्रसिद्ध मूर्तिकार राम सुतार और उनके बेटे अनिल सुतार ने किया है.

बीबीसी से हुई बातचीत में अनिल सुतार ने बताया, ''इस पार्क में हमने 11 भव्य मूर्तियां बनाई हैं. मायावती जी की इच्छानुसार 18 फीट की ऊंचाई की इन मूर्तियों के ज़रिए लोग सभी दलित नेताओं और सुधारकों को एकसाथ देख पाएंगे. साथ ही इमारतों के अंदर मौजूद भित्ती चित्रों के ज़रिए इन महान नेताओं के जीवन चित्र को सजीव करने की कोशिश की गई है. इनके अलावा हमने शायद विश्व के सबसे पड़े फव्वारों के रुप में 52 फीट ऊंचे दो फव्वारे भी बनाए हैं.''

स्मारक भले ही शानदार हो लेकिन शुरुआत से ही इस स्मारक का निर्माण विवादों में घिरा रहा. पर्यावरण विदों ने पार्क के निर्माण के लिए भारी संख्या में काटे गए पेड़ों का विरोध करते हुए निर्माण के खिलाफ जन हित याचिका दाखिल की और सुप्रीम कोर्ट के आदेश से कई दिनों तक पार्क का निर्माण रुका भी रहा.

नोएडा के कुछ निवासियों ने निर्माण में खर्च हो रहे पैसों को बर्बादी क़रार देते हुए इसके खिलाफ़ कई धरना प्रदर्शन भी किए.