येदियुरप्पा की गिरफ़्तारी का वारंट

  • 15 अक्तूबर 2011
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Image caption येदियुरप्पा के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ती ही जा रहीं है

लोकायुक्त की एक विशेष अदालत ने कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा की अंतरिम ज़मानत की अर्जी ख़ारिज करके उनके खिलाफ़ एक गिरफ़्तारी वारंट जारी किया है.

इसके बाद कर्नाटक भाजपा के इस कद्दावर नेता की गिरफ़्तारी तय दिख रही है.

इस मामले में अदालत ने येदियुरप्पा के बेटे और दामाद को अंतरिम ज़मानत दे दी है.

कानूनी कार्रवाई

यह मामला एक कथित भूमि घोटाले से जुड़ा है जिसे कर्नाटक के एक दूसरे पूर्व मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने उजागर किया था.

राज्यपाल हंसराज भारद्वाज की ओर से तत्कालीन मुख्यमंत्री येदियुरप्पा के ख़िलाफ़ आपराधिक मामला चलाए जाने की अनुमति दिए जाने के बाद ये मामला दो वकीलों सिराजिन बाशा और एनके बलराज ने इस साल जनवरी में दर्ज किया था.

येदियुरप्पा के ऊपर आरोप है कि उन्होंने मुख्यमंत्री रहते हुए कर्नाटक सरकार की ओर से बंगलौर के आसपास अधिगृहित की गई कुछ ज़मीनों की अधिसूचना को रद्द कर दिया था . आरोप है कि उन्होंने ऐसा अपने रिश्तेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए किया था.

लोकायुक्त ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री के अलावा उनके एक मंत्रिमंडलीय सहयोगी एसएन कृष्णाशेट्टी की ज़मानत की याचिका भी ख़ारिज कर दी है.

इस मामले में येदियुरप्पा के बेटे और दामाद के अलावा भाजपा के एक दूसरे विधायक हेमचन्द्र सागर को भी ज़मानत मिल गई है.

विपक्ष ने किया स्वागत

राज्य में जनता दल सेक्युलर के एक नेता एम सी नानैय्या ने लोकायुक्त के इस कदम का स्वागत किया है.

कांग्रेस की प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने लोकायुक्त के इस फ़ैसले का स्वागत करते हुए कहा है, "येदियुरप्पा अपने किये का फल भोग रहे हैं और वो भी ऐसे समय पर जब उनके बड़े नेता लालकृष्ण आडवानी भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ यात्रा निकाल रहे हैं."

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा " आडवानी को अपनी यात्रा कर्नाटक से निकालनी चाहिए थी शायद उससे उनकी यात्रा अधिक सार्थक होती."

उल्लेखनीय है कि भ्रष्टाचार के मामले पर लोकायुक्त की रिपोर्ट के बाद येदियुरप्पा ने जुलाई में मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफ़ा दे दिया था.

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