'प्रतिनिधि वापस बुलाने के अधिकार से देश बंटेगा'

  • 16 अक्तूबर 2011

चुनाव सुधारों पर टीम अन्ना के अभियान के बीच चुनाव आयोग ने कहा है कि चुनाव में जीते लोगों को वापस बुलाने या प्रतिनिधियों को ख़ारिज़ करने के प्रस्ताव भारत जैसे बड़े देशों के लिए सही नहीं होंगे.

मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने कहा कि जीते लोगों को वापस बुलाने के नियम से देश में अस्थिरता आ जाएगी ख़ास कर ऐसे इलाक़ों में जहां पहले ही लोग काफ़ी अलग थलग महसूस कर रहे हों.

प्रतिनिधियों को ख़ारिज़ करने प्रस्ताव के बारे में कुरैशी का कहना था कि आयोग इस मामले में वोटिंग मशीन में ज़ीरो बटन पर विचार कर रहा है लेकिन इस प्रस्ताव से बार बार चुनाव कराने होंगे.

इस प्रस्ताव के तहत जिन्हें कोई भी प्रतिनिधि पसंद नहीं होगा वो ज़ीरो बटन पर वोट देंगे और अगर 50 प्रतिशत वोट ज़ीरो बटन पर डाले गए तो दोबारा चुनाव कराए जाएंगे.

सीएनएन आईबीएन टीवी चैनल पर एक कार्यक्रम में कुरैशी ने कहा, ‘‘ हमें डर है कि अगर जनता हर प्रतिनिधि को ख़ारिज़ करने लगेगी तो हमें बार बार चुनाव कराने होंगे जबकि जनता पहले ही चुनाव से थकने की शिकायत कर रही है.’’

हालांकि मुख्य चुनाव आयुक्त का कहना था कि वो इस मुद्दे पर अन्ना हज़ारे से बातचीत करने को तैयार हैं. हज़ारे का तर्क था कि अगर करोड़ों रुपए खर्च कर के प्रतिनिधि ख़ारिज़ होंगे तो अगली बार वो चुनाव जीतने के लिए पैसे खर्च नहीं करेंगे जिससे भ्रष्टाचार रुकेगा.

इस बारे में कुरैशी ने कहा, ‘‘ हम इस मामले में खुले दिमाग से विचार कर रहे हैं. अगर किसी प्रस्ताव से लंबे समय में फायदा होता है तो हम उस पर ज़रुर विचार करेंगे.’’

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