रेल रोको के आख़िरी दिन तेलंगाना बंद

Image caption कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने ग़िरफ्तार किया.

तेलंगाना संयुक्त संघर्ष समिति ने रेल रोको के आख़िरी दिन सोमवार को तेलंगाना बंद का आह्वान किया है और दुकाने, कारोबार समेत सभी सेवाएँ बंद रखने के लिए कहा है.

समिति ने रेल रोको के दौरान पुलिस की सैंकड़ों लोगों की ग़िरफ़्तारी के विरुद्ध इस बंद का आह्वान किया है.

इससे पहले, आंध्र प्रदेश में तेलंगाना राज्य के समर्थन में बुलाये गए 72 घंटे के रेल रोको कार्यक्रम के दूसरे दिन रविवार को भी रेल सेवाएँ प्रभावित रहीं.

हालाँकि पुलिस और अर्ध सैनिक बलों के कड़े सुरक्षा प्रबंधों और सख़्त कार्रवाई के कारण पहले की तुलना में कम रेल सेवाएँ प्रभावित हुईं लेकिन फिर भी काफी संख्या में ट्रेनों को रद्द करना पड़ा या वो देर से चल रही थीं.

शनिवार को भी कई स्थानों पर हिंसा की घटनाएँ हुईं और लोगों ने रेल की पटरियों पर बैठकर रेल रोकने की कोशिश की.

वारंगल ज़िले में पुलिस की लाठी चार्ज में तीन लोग घायल हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा.

घटना तब हुई जब लोगों की एक भीड़ ने एक रेलवे स्टेशन में घुसने की कोशिश की.

जिन बड़े नेताओं और सांसदों को शनिवार को ग़िरफ्तार किया गया था, उनमें से कांग्रेस की एक सांसद पूनम प्रभाकर को रविवार को करीमनगर ज़िले की जेल भेजा गया,जबकि तेलंगाना राष्ट्र समिति की सांसद विजयाशांति को हैदराबाद की चंचलगुडा महिला जेल भेजा गया.

रोड ट्रांसपोर्ट हड़ताल वापस

दूसरी ओर रोड ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन के कर्मचारियो ने 27 दिन से चल रही अपनी अनिश्चित काल की हड़ताल यह कहते हुए वापस ले ली है कि वो नहीं चाहते की आम लोगों को और तकलीफ़ पहुँचे.

इसी तरह तेलंगाना के अध्यापकों ने भी कहा है कि वो हड़ताल पर रहने के बावजूद छात्रों को पढ़ाएगे ताकि उनका भविष्य सुरक्षित रहे.

अध्यापकों की संघर्ष समिति ने कहा है कि जल्द ही अध्यापक स्कूल जाना शुरू कर देंगे लेकिन वो न तो हाज़री दर्ज कराएंगे और न ही वेतन लेंगे.

तेलंगाना वादियों ने रविवार को दो मंत्रियों साबित इन्द्र रेड्डी और जना रेड्डी के घरों का घेराव भी किया.

वो जना रेड्डी के इस बयान पर नाराज़ थे कि तेलंगाना वादियों को अपनी 35 दिन से चल रही हड़ताल वापस ले लेनी चाहिए. तेलंगाना वादियों ने जना रेड्डी पर तेलंगाना द्रोही होने का आरोप लगाया है.

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