अन्ना के लोग राहुल से मिले बिना लौटे

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Image caption अन्ना हज़ारे के निजी सचिव सुरेश पठारे ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें बताया गया था कि 18 तारीख को सुबह नौ बजे उन्हें राहुल गाँधी के साथ मिलने का वक्त दिया गया है

कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी से मिलने दिल्ली पहुँचे अन्ना हज़ारे के गाँव रालेगण सिद्धी के सरपंच और दूसरे सदस्यों को बिना मुलाकात किए ही अपने गाँव वापस लौटना पड़ा है.

उन्होंने कहा है कि अगर उन्हें भविष्य में मिलने का वक्त मिलता भी है तो गाँववाले फ़ैसला करेंगे कि राहुल से मुलाक़ात की जाए या नहीं.

ऐसी रिपोर्टें आई थीं कि केरला के इडुक्की लोकसभा क्षेत्र से सांसद और राहुल गाँधी के नज़दीकी माने जाने वाले पीटी थॉमस ने इस बहुचर्चित भेंट का वक्त निश्चित करवाया था. लेकिन अब थॉमस ने इस बैठक के नहीं हो पाने के लिए अपने दफ़्तर को ही ज़िम्मेदार ठहराया है.

अन्ना हज़ारे के निजी सचिव सुरेश पठारे ने पत्रकारों को बताया कि उन्हें बताया गया था कि 18 तारीख को सुबह नौ बजे उन्हें राहुल गाँधी के साथ मिलने का वक्त दिया गया है.

उनका कहना है, “हम सांसद की बात पर विश्वास करके दिल्ली आए थे, लेकिन अब सांसद कह रहे हैं कि बैठक को लेकर गलतफ़हमी थी. हम घर वापस जा रहे हैं.”

रालेगण सिद्धि के सरपंच जयसिंह मापारी ने दावा किया कि उन्हें राहुल गाँधी के दफ़्तर से भी कई बार मुलाकात को लेकर फ़ोन आए थे.

दफ़्तर जिम्मेदार

लेकिन पीटी थॉमस ने बीबीसी से बातचीत में कहा है कि दिल्ली पहुँचे अन्ना हज़ारे के प्रतिनिधियों और राहुल गाँधी के बीच होने वाली बैठक को लेकर हुई गड़बड़ी के लिए उनका दफ़्तर ज़िम्मेदार है और ये गलतफ़हमी का नतीजा है.

थॉमस ने कहा कि रालेगण सिद्धी के सरपंच की ओर से राहुल गाँधी से मिलने की दरख़्वास्त उनके पास आई थी और इसे राहुल गाँधी के दफ़्तर को बढ़ा दिया गया था, लेकिन मिलने की तारीख पर कोई फ़ैसला नहीं हुआ था.

थॉमस ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से वो केरला में थे और बीमार थे, और इस बीच उनके दफ़्तर के एक व्यक्ति और रालेगाँव सिद्धी के सरपंच के बीच संवाद हुआ और इसी से गलतफ़हमी उपजी.

इस बात पर कि अन्ना हज़ारे की टीम को पहले ही क्यों नहीं जानकारी दी गई, इस पर थॉमस ने कहा कि पहले टीम की ओर से कहा गया कि वो ट्रेन से दिल्ली जाएंगे, लेकिन बाद में उन्होंने अपना कार्यक्रम बदल दिया और हवाई जहाज़ से दिल्ली आ गए.

थॉमस ने कहा कि इस बात का हिसार के चुनाव नतीजों से कोई लेना देना नहीं है.

थॉमस ने कहा कि करीब डेढ़ महीने पहले वो रालेगण सिद्धि गए थे लेकिन इस बात को लेकर उनकी राहुल गाँधी से कोई बातचीत नहीं हुई थी.

उधर सुरेश पठारे ने कहा कि वो दिल्ली किसी राजनीतिक एजेंडे के साथ नहीं आए थे और उनकी होने वाली बैठक का जनलोकपाल बिल के साथ कोई लेना-देना नहीं था.

पठारे ने कहा कि थॉमस रालेगण सिद्धि में जारी कई कार्यक्रमों से प्रभावित थे और वो चाहते थे कि इस बारे में राहुल गाँधी से भी बात की जाए.

उधर समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक हज़ारे के रिश्तेदार विनायक देशमुख ने कहा है कि अन्ना हज़ारे की ओर से राहुल गाँधी को रालेगण सिद्धि आने के कोई निमंत्रण नहीं भेजा गया है.

देशमुख ने कहा कि अगर राहुल गाँधी रालेगण आकर वहाँ विकास कार्य देखना चाहते हैं तो हज़ारे इसके विरुद्ध नहीं हैं.

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