आडवाणी कठोर शब्दों से बचें: मनमोहन

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Image caption मनमोहन सिंह ने टीम अन्ना पर हमले की आलोचना की

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारतीय जनता पार्टी के नेता लालकृष्ण आडवाणी से कहा है कि वे कटु शब्दों से बचें.

अपनी जनचेतना यात्रा के दौरान आडवाणी लगातार केंद्र सरकार को निशाना बना रहे हैं और पिछले दिनों उन्होंने मनमोहन सिंह को सबसे कमज़ोर प्रधानमंत्री तक कह दिया था.

आडवाणी ने यूपीए सरकार को निकम्मी सरकार भी कहा था.

इबसा शिखरवार्ता में हिस्सा लेने के बाद स्वदेश लौटते समय विमान में पत्रकारों के साथ बातचीत में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उम्मीद जताई कि आडवाणी असंयमित भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे.

एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, "एक राष्ट्रीय नेता होने के नाते मैं आडवाणी की यात्रा की आलोचना नहीं करता. मैं उनकी यात्रा सफल होने की कामना करता हूँ. लेकिन मैं उम्मीद करता हूँ कि वे असंयमित भाषा का इस्तेमाल नहीं करेंगे. राजनीति में कटु शब्दों से बचना चाहिए."

निंदा

लालकृष्ण आडवाणी ने भ्रष्टाचार, काला धन और अब तेलंगाना के मुद्दे पर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है और तेलंगाना संकट के लिए कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ज़िम्मेदार भी ठहराया था.

मनमोहन सिंह ने कहा कि तेलंगाना की मांग नई नहीं है और केंद्र सरकार इस मामले पर सभी पक्षों के साथ मिलकर रास्ता निकालने की कोशिश कर रही है.

उन्होंने कहा कि तेलंगाना का हल जल्द नहीं निकल सकता.

एक सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि उनकी सरकार प्रभावशाली लोकपाल को लेकर प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि अन्ना हज़ारे के आंदोलन ने अपना उद्देश्य पूरा कर लिया है.

प्रधानमंत्री ने टीम अन्ना के सदस्यों पर हमले की निंदा की और कहा कि लोकतंत्र में हिंसा का कोई स्थान नहीं है.

पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के वकील और टीम अन्ना के वरिष्ठ सदस्य प्रशांत भूषण की उनके कार्यालय में घुस कर पिटाई की गई थी. जबकि एक दिन पहले लखनऊ में अरविंद केजरीवाल पर चप्पल फेंकी गई थी.

मनमोहन सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने सूचना के अधिकार को कमज़ोर करने की बात नहीं कही है.

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