पाकिस्तान सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य बना

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Image caption भारत और पाकिस्तान अधिकतर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर एक जैसी राय रखते हैं.

पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र संघ की सुरक्षा परिषद का अस्थाई सदस्य चुना गया है.

संयुक्त राष्ट्र में दो साल के लिए पांच सदस्य चुने जाने के लिए मतदान हुआ था.

सुरक्षा परिषद में पांच स्थाई सदस्यों के अलावा दस अस्थाई सदस्य होते हैं. इन दस में से पांच के लिए हर वर्ष चुनाव होता है. हर अस्थाई सदस्य दो वर्ष के लिए सुरक्षा परिषद का हिस्सा बनता है.

पाकिस्तान के अलावा मोरोक्को, ग्वातेमाला और टोगो को अस्थाई सदस्य चुन लिया गया है.

पूर्वी यूरोप के लिए अभी मतदान होना बाक़ी है.

पाकिस्तान का अस्थाई सदस्य बनने का अर्थ है कि दक्षिण एशिया के दो परमाणु हथियार रखने वाले देश अपनी प्रतिस्पर्धा अब सुरक्षा परिषद में ले जाएंगे.

लेकिन कूटनीतिज्ञों का मानना है कि शायद ऐसा ना हो क्योंकि अधिकतर अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर दोनों देशों का राय लगभग एक ही है.

संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत अब्दुल्ला हुसैन हारुन ने भारत के साथ बढ़िया काम करने की उम्मीद जताई. जब वो पत्रकारों से बात कर रहे थे तभी उन्हें संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत का मुबारकबाद देने के लिए फ़ोन भी आया.

कूटनीतिज्ञों का कहना है कि पाकिस्तान सीरिया और ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी तरह के प्रतिबंध का विरोध कर सकता है.