अमर सिंह को मिली ज़मानत

  • 24 अक्तूबर 2011
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Image caption अमर सिंह को अदालत में 50 लाख के दो मुचलके जमा करने को कहा गया है.

दिल्ली उच्च न्यायालय ने राज्यसभा सांसद अमर सिंह को नगद के बदले वोट मामले में ज़मानत दे दी है. पूर्व समाजवादी पार्टी नेता अमर सिंह पर आरोप है कि जुलाई 2008 में संसद में यूपीए सरकार को बहुमत की दरक़ार थी, उस वक्त सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए अमर सिंह ने सांसदों को कथित तौर पर घूस दी थी.

अमर सिंह की नज़दीकी पूर्व अभिनेत्री जया प्रदा ने इस फ़ैसले पर खुशी ज़ाहिर की है और इसे दीवाली का तोहफ़ा बताया है.

ज़मानत के दौरान उन्हें देश छोड़कर जाने से पहले अदालत की इजाज़त लेनी होगी. अमर सिंह को अदालत में 50 लाख के दो मुचलके जमा करने को कहा गया है.

अमर सिंह को छह सितंबर को गिरफ़्तार कर जेल भेज दिया गया था.

दिल्ली पुलिस ने अदालत में एम्स अस्पताल की एक रिपोर्ट दाखिल की थी. इस रिपोर्ट में डॉक्टरों ने कहा था कि अमर सिंह की हालत नाज़ुक है और उन पर लगातार नज़र रखने की ज़रूरत है. पिछले करीब सवा महीने से अमर सिंह इसी अस्पताल में भर्ती हैं.

दिल्ली पुलिस के वकील ने कहा कि वो एम्स की रिपोर्ट पर विवाद नहीं कर सकते इसलिए वो चिकित्सीय आधार पर ज़मानत का विरोध नहीं कर रहे हैं.

उधर अमर सिंह के वकील हरिहरन ने अपने मुवक्किल का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले में सीधे तौर पर कोई प्रमाण मौजूद नहीं हैं, और जो भी कहा जा रहा है वो परिस्थितियों पर आधारित है. इससे पहले अमर सिंह के ज़मानत की अपील निचली अदालत ने 28 सितंबर को अस्वीकार कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया था.

अमर सिंह अभी एम्स अस्पताल में ही रहेंगे जहाँ गुर्द में तकलीफ़ और उलटी की शिकायत के बाद उनका इलाज चल रहा है.

अमर सिंह मधुमेह, उच्च रक्तचाप और गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं. अमर सिंह पर आरोप है कि उन्होंने तीन भाजपा सांसदों, अशोक अर्गल, फ़ग्गन सिंह कुलस्ते और महावीर सिंह भगोड़ा को कथित तौर पर घूस दी. इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता एलके अडवाणी के पूर्व सहायक सुधींद्र कुलकर्णी, सुहेल हिंदुस्तानी और संजीव सक्सेना भी आरोपी हैं.

उस वक्त के इन तीन भाजपा सांसदों ने 2008 में विश्वास मत पर वोट पड़ने से पहले नोटों के बंडल को लोकसभा के भीतर लहराया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें ये पैसा कथित तौर पर मनमोहन सरकार के पक्ष में वोट देने के लिए मिला था.

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