'बांग्लादेश से घुसपैठ भारत विरोधी नहीं'

  • 1 नवंबर 2011
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Image caption बंसल इससे पहले आंतरिक सुरक्षा विभाग में पदस्थ थे

सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के नव नियुक्त महानिदेशक यूके बंसल ने कहा है कि हालांकि बांग्लादेश से घुसपैठ कम नहीं हुई है लेकिन इसे भारत विरोधी गतिविधि नहीं कहा जा सकता.

उन्होंने कहा कि बीएसएफ भारत की पूर्वी सीमा पर बांग्लादेश के साथ पिछले दो वर्षों से चल रहे 'अच्छे काम' को जारी रखेगा.

मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद बीबीसी से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि सीमा पर मानवाधिकारों का उल्लंघन करने को प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा और वहाँ कार्रवाइयों के लिए आम तौर पर ग़ैर-घातक हथियारों का प्रयोग होगा.

उन्होंने कहा, "जहाँ तक हथियारों के प्रयोग का संबंध है, यह स्थिति की मांग पर निर्भर करेगा. हथियारों का चयन इस बात पर निर्भर करेगा कि बांग्लादेश की सीमा पर कैसी स्थिति उत्पन्न होती है. "

पूर्वी सीमा पर मानव अधिकारों के उल्लंघन के 'शून्य सहनशीलता स्तर' के बारे में महानिदेशक ने कहा कि वह इस पर कायम हैं.

मौतों में कमी

विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय पूर्वी सीमा दुनिया में सबसे हिंसक सीमाओं में से एक है.

दिसंबर, 2010 में हूमन राईटस वॉच की एक रिपोर्ट में बीएसएफ पर हिरासत में हत्याओं, मनमाना हिरासत में रखना, प्रता़ड़ना और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे. रिपोर्ट में कहा गया कि पिछले दशक में एक हज़ार से अधिक लोग भारत-बांग्लादेश सीमा पर मारे गए.

पिछले दो वर्षों में बंगलादेश के साथ भारत के रिश्ते सकारात्मक दिशा में जाने के बाद से सीमा पर होने वाली मौतों की संख्या में काफ़ी कमी आई है.

हालांकि बांग्ला देश के मानवाधिकार संगठन, ओधिकार ने कहा कि जनवरी से जुलाई के बीच 'सीमा पर बीएसएफ फायरिंग से' 17 व्यक्तियों की मौत हुई.

इससे पहले इस वर्ष, भारत और बंगलादेश ने सीमा पर हत्याएं कम करने के लिए 'पंप-एक्शन'' वाली बंदूकों जैसे ग़ैर घातक हथियारों का उपयोग करने का समझौता किया था.

इससे पहले गृह मंत्रालय में सचिव (आंतरिक सुरक्षा) के पद पर काम कर रहे बंसल ने यह भी कहा कि हालांकि बंगलादेश सीमा पर घुसपैठ कम नहीं हुई है, लेकिन घुसपैठ की प्रकृति को 'भारत विरोधी गतिविधि' नहीं कहा जा सकता.

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