भूपेन हज़ारिका की हालत नाज़ुक

  • 3 नवंबर 2011
जाने माने गायक और संगीतकार भूपेन हज़ारिका
Image caption भूपेन हज़ारिका को दक्षिण एशिया के सबसे नामचीन सांस्कृतिक संचारकों में से एक माना जाता है. (फ़ाइल फ़ोटो)

जाने माने गायक और संगीतकार भूपेन हज़ारिका की हालत चिंताजनक बनी हुई है. उनका इलाज मुंबई के एक अस्पताल में चल रहा है जहा पर उन्हे डाएलसिस पर रखा गया है.

समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक़ निमोनिया हो जाने के कारण भूपेन हज़ारिका की सेहत में 23 अक्तूबर से गिरावट जारी है.

इस बीच डॉक्टरों ने ऑपरेशन के ज़रिए उनके शरीर में एक खाद्य नली भी लगाई है.

मुंबई में स्थित कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल की प्रवक्ता जयंत नारायण साहा ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि, "भूपेन हज़ारिका की हालत नाज़ुक है, उनको संक्रमण से खतरा है और वह डाएलसिस पर रखे गए है.''

हालाकिं जयंत नारायण साहा के मुताबिक़ भूपेन हज़ारिका अभी कोमा में नही है.

दादा साहब फालके पुरस्कार से सम्मानित 86 वर्षीय भूपेन हज़ारिका का इलाज 29 जून से चल रहा है और वह तभी से अस्पताल में है.

साथ ही उन्हे सांस लेने में तकलीफ़ की भी शिकायत है.

बहुआयामी प्रतिभा के धनी

भूपेन हज़ारिका गायक और संगीतकार होने के साथ ही एक कवि, फ़िल्म निर्माता, लेखक और असम की संस्कृति और संगीत के अच्छे जानकार भी रहे है.

उन्हे दक्षिण एशिया के सबसे नामचीन सांस्कृतिक संचारकों में से एक माना जाता है.

अपनी मूल भाषा आसामी के अलावा भूपेन हज़ारिका हिंदी, बंगाली समेत कई अन्य भारतीय भाषाओं में गाना गाते रहे है.

उनहोने फ़िल्म ‘गांधी टू हिटलर’ में महात्मा गांधी का पसंदीदा भजन ‘वैश्नव जन’ गाया था.

भूपेन हज़ारिका को पद्म भूषण सम्मान से भी नवाज़ा जा चुका है.